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महिला बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण सभा में पहुंचे माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी

दिनांक 21 सितंबर 2019 को मध्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तरंग सभागार में आयोजित पोषण सभा में 👉 उपस्थित हुए जहां माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा महिला बाल विकास द्वारा लगाई गई पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी तथा श्री एन एस तोमर संयुक्त संचालक महिला बाल विकास के मार्गदर्शन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर केंद्रित प्रदर्शनों का अवलोकन किया , बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के संकल्प पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए   माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा इस अवसर पर कुमारी मुस्कान किरार आत्मजा श्रीमती माला किरार एवम श्री वीरेंद्र किरार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के ब्रांड एंबेसडर के रूप में तथा कुमारी उन्नति तिवारी आत्मजा श्रीमती शोभना श्री गौरी शंकर तिवारी को पॉक्सो ब्रांड एंबेसडर के रूप में क्राउन पहनाकर सम्मानित किया गया । क्रम के अंतर्गत ई सी ई केंद्रों के कार्यों से संबंधित सारेगामा गायन प्रतियोगिता में सम्पूर्ण देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली और लाडो अभियान की पूर्व ब्रांड एम्बेसेडर इशिता विश्वकर्मा को भी सम्मानित किया ।   वृत्तचित्र का विमोचन ईसीई गतिविधियों पर केंद्रित वृतचित्र ( निर्द

ओवैसी के बयान पर फक्र होना ही चाहिए

कुछ लोग नेतृत्व को गलत कहते हैं कुछ लोग अपनी आईडियोलॉजी को सर्वश्रेष्ठ कहने के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि हिंदुस्तान की जमीन पर पैदा होने वाला कोई भी शख्स जो अपने मादरे वतन से प्रेम नहीं करता है वह इंसानियत का दुश्मन होता है हिंदुस्तान का दुश्मन होता है परंतु इन साहब को सुनिए जिन्होंने पाकिस्तान में जाकर खुला एलानिया बयान दिया कि आप हिंदुस्तान के मोमिन की चिंता करना छोड़ दें....!   आपको और क्या सबूत चाहिए सरजमी है हिंद पर ऐसे खयालात रखने वालों से हम एक परसेप्शन बना लेते हैं कि   अगर वह यह नहीं कह रहा है तो गलत है अगर यह वह नहीं कह रहा है तो गलत है हिंदुस्तान को आज की हिंदुस्तानी लोग प्यार करते हैं किसी भी जाति धर्म मजहब से वाबस्ता क्यों ना हो दोस्तों और सुधि पाठको इस देश में अमन का माहौल बना के रखें....प्यार बांटते चलो और इस बात से बिल्कुल ना घबराएं की कोई भी धर्म खतरे में हिंदुस्तान एक बेहतरीन आईन के साथ परवान चढ़ रहा है यहां कम से कम कीर्तन अजान फातिहा कथा होली दिवाली ईद क्रिसमस प्रकाश पर्व पर सियासी मुल्लमा ना चढ़ने दें   .

नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला हुई बेनक़ाब

मलाला के झूठ का पर्दा फाश किया ताहिर गौरा ने- पिछले शनिवार को मलाला यूसफजई का एक ट्वीट सामने आया मलाला कहती है कि - "मलाला ने ट्वीट कर दावा किया  है कि उसने कश्मीर के पत्रकारों वकीलों छात्रों से बात की है ।"    एक्टिविस्ट एवं पत्रकार स्तंभकार ताहिर गोरा ने अपनी टिप्पणी में कहा कि- "#मलाला क्या तुमने कभी कुछ पल बिताएं हैं उनके साथ जो जिनके अधिकारों का हनन हो रहा है पाकिस्तान में ?     अपने राष्ट्र पाकिस्तान में हिंदू सिख ईसाई धर्म को मानने वालों की बेटियों के मानवाधिकारों के बारे में विचार किया है ? मज़ाहिरों बलोच अहमदियों के बारे में जानकारी है तुमको ?    ट्वीट को देखकर लगता है कि - " मलाला एक सस्ती लोकप्रियता के लिए अपनी सेलिब्रिटी होने का दुरुपयोग कर रही है या मलाला प्रो आर्मी डेमोक्रेटिक सिस्टम के नरेशन को सामने ला रही है । मैंने भी अपने ट्वीट में मलाला को स्पष्ट किया है कि अगर इतनी ही जानकारी है तो तुमको ( मलाला को ) मानव अधिकार एक्टिविस्ट के रूप में यह भी जानना चाहिए था कि अब तक क्या होता रहा है कश्मीर में क्या वहां सभी बालक बालिकाओं को हिंसा नहीं पढ़ाई जा

हर जीवन का साथी मुनगा उर्फ मोरिंगा उर्फ सहजन

दुनिया का सबसे ताकतवर पोषण पूरक आहार है- सहजन (मुनगा)। इसकी जड़ से लेकर फूल, पत्ती, फल्ली, तना, गोंद हर चीज उपयोगी होती है।            आयुर्वेद में सहजन से तीन सौ रोगों का उपचार संभव है। सहजन के पौष्टिक गुणों की तुलना :- विटामिन सी- संतरे से सात गुना अधिक। विटामिन ए- गाजर से चार गुना अधिक। कैलशियम- दूध से चार गुना अधिक। पोटेशियम- केले से तीन गुना अधिक। प्रोटीन- दही की तुलना में तीन गुना अधिक।             स्वास्थ्य के हिसाब से इसकी फली, हरी और सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी-काम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाई जाते हैं। इनका सेवन कर कई बीमारियों को बढ़ने से रोका जा सकता है, इसका बॉटेनिकल नाम ' मोरिगा ओलिफेरा ' है। हिंदी में इसे सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा नाम से भी जानते हैं, जो लोग इसके बारे में जानते हैं, वे इसका सेवन जरूर करते हैं।           सहजन का फूल पेट और कफ रोगों में, इसकी फली वात व उदरशूल में, पत्ती नेत्ररोग, मोच, साइटिका, गठिया आदि में उपयोगी है। इसकी छाल का सेवन साइटिका, गठिया, लीवर में लाभक

अदभुत तो निश्चित ही थे नेताजी

अदभुत तो निश्चित ही थे नेताजी 💐💐💐💐💐💐💐💐          कल ही मुझे मेरी सहकर्मी Vijaya Iyer Laxmi  ने बताया कि  उनकी माता श्रीमती मीनाक्षी अय्यर #आईएनए में नर्सिंग का काम करतीं थीं । जबकि पिता श्री श्रीनिवासन अय्यर रेडियो कम्यूनिकेशन का काम देखते थे । एक बार आई एन ए के जहाज में सांप घुस गया । अफरातफरी के माहौल में श्रीमती मीनाक्षी अय्यर जिनको लोग अलमेलू के नाम से जानते थे ....का पैर एक खीले (कीले ) पर पड़ा जो उर्ध्वगामी था ... कीला आरपार निकल आया था । आई एन ए के सुप्रीम कमांडर जो कभी भी सर से कैप नहीं हटाते ने कैप हटाया और अलमेलू के पैरों के पास झुक के बैठ गए ढांढस बंधाते रहे । जब नेताजी की बात छिड़ ही गई तो आप सबसे कुछ बात कर लेना ज़रूरी है ..... 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 सुभाष चंद्र बोस क्यों नहीं ...? यह सवाल सुबह पूछा था .... पर किसी को नहीं मालूम इसका जवाब क्या होना चाहिए... !      कौन देगा इसका जवाब वही ना जो सुभाष बाबू के बारे में जरा सा भी पढ़ा हो ।  औसतन हम क्या पढ़ते हैं हमें खुद ही नहीं मालूम हम किस तरह पढ़ते हैं यह भी हम नहीं जानते तो फिर आप और मैं यानि हम पढ़ रहे हैं ?

कश्मीर के साथ हमारी सांस्कृतिक तालमेल की जरूरत है...!!

कश्मीर से हमारे सांस्कृतिक संबंधों को  एक सुनिश्चित  स्टेटस जी के तहत  मजबूत करना जरूरी है यह संभव केवल वहां के लोगों के साथ हमारे पारिवारिक संबंधों को बढ़ाना आप कहां तक सहमत हैं बताएंगे ? शायद आपने यह नहीं सोचा होगा कि हम कश्मीर के बारे में 1990 के बाद क्या सोच रहे हैं हालिया दौर में भारत की स्थिति को समझने के लिए यूट्यूब पर मौजूद एक वीडियो को ध्यान से देखिए सुनिए उसमें साफ तौर पर लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता ने क्या कहा.. ! वास्तव में सैयद साहब ने वह हकीकत बयान कर दी जो पाकिस्तानी हुक्मरानों और फौजियों की दिल में जनरल जिया उल हक ने पैदा कर दी थी सच है कि वे भारत को घेरना चाहते थे । उनकी अपने मकसद हैं पर हमारी कुछ मजबूरियां थी उस दौर में जिससे इस भाषण में खुलकर समझाया गया है । एक बात तो तय है कि अगर हमारी आर्थिक स्थिति उस वक्त मजबूत होती तथा हम श्रीलंका के अंदर पनप रहे आतंक और वर्गीकरण में हस्तक्षेप और सहयोग ना करते तो शायद हम बेहतर तरीके से मुकाबला कर सकते थे टेररिज्म का जो कश्मीर में पनप चुका है हमारी राजनीतिक अस्थिरता और सांस्कृतिक एक्सचेंज कश्मीर के साथ शून्य होता चला ग