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2014 कल तुम आओगे तब मैं

2014   कल तुम आओगे तब मैं आधी रात से ही तुमको दुलारने लगूंगा पुकारने लगूंगा तुम्हारी राह बुहारने लगूंगा शुभकामनाओं के फ़ूल बिखेर बिखेर अपने तुपने संबंध को मेरे अनुकूलित करने किसी पंडित को बुला पत्री-बांचने दे दूंगा उसे ... या तुम्हारे कालपत्रक पंचांग को पाते ही पीछे छपे राशिफ़ल को बाचूंगा.. घर में बहुत हंगामा होगा बाहर भी . फ़िर कोई कहेगा अर्र ये क्या अपना नया तो "ये नहीं गुड़ी पड़वा" को आएगा . उसकी कही एक कान से सुन दूजे निका दूंगा . हर साल वो यही कहता है पर मै नहीं सुनता उसको    सु नूं भी क्यों किसी की क्यों .. एक भी न सुनूं ऐसे किसी की जो  गुड़ खाए गुलगुलों से परहेज़ी बताए .. !! अब भला सरकारी तनख्वाह अंग्रेजी कैलेंडर से ही महीना पूरा होते मिलती है.. है न .. कौन अमौस-पूनौ ले दे रहा है तनख्वाह  बताओ भला हमको तो खुश रहने का बहाना चाहिये. आप हो कि हमारी सोच पर ताला जड़ने की नाकामयाब कोशिश कर रहे हो .      अल्ल सुबह वर्मा जी, शर्मा जी वगैरा आए हैप्पी-न्यू ईयर बोले तो क्या उनसे झगड़ लूं बताओ भला .     चलो हटाओ सुनो पुराने में नया क्या खास हुआ  अखबार चैनल