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एक कविता विजेता के लिए

तुम जो चुने गए हो गिने चुने लोगों में नंबर एक पर माँ अधिकारों नहीं कर्तव्यों की पोटली दी है हाथों में माँ जो इतिहास लिखोगे माँ को यकीन है पैंयाँ-पैंयाँ चलता हमारा यकीन तुम्हारे पीछे पीछे सच माँ ही एक मात्र वज़ह हो कि विजेता हो ! पहली बार विश्वाश जागा है जो कच्चे सूत का धागा है हमको यकीन है माँ की दी हुई पोटली पर जो तुमनें साथ रखी