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ऐ शहर-ए-लखनऊ तुझे मेरा सलाम है.....-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी

मुझे लखनउ भुलाए नहीं भूलता डा भूपेन्द्र ने जो लिक्खा वो मेरे एहसासों में ज़िंदा है 20 बरस बाद भी... बेशक ख़ूबसूरत शहर ......... है    अमाँ मियाँ वह भी क्या जमाना था। जब हमारा हर छोटा बड़ा सिक्का चला करता था। आज तो चवन्नी , अठन्नी और एक रूपए के सिक्के की वकत ही नहीं रही। हम भी नखलऊ में पले-बढ़े , पढ़े , तहजीब तालीम हासिल किया। चवन्नी की एक कप चाय और तीन पत्ती पान की कीमत भी चवन्नी हुआ करती थी। एक रूपए जेब में फिर क्या था पूरा नखलऊ घूमते थे। चवन्नी में सिटी बस पूरे नउवाबी शहर का सैर करती थी , और एक कप चाय तीन पत्ती पान की गिलौरी मुँह में डाले रॉथमैन्स/ट्रिपलफाइव ( 555 स्टेट एक्सप्रेस) होंठों से लगाए धूआँ उड़ाने के बाद कुल एक रूपए का ही खर्च बैठता था। वाह क्या जमाना था वह भी। आज तो चवन्नी/अठन्नी का नाम सुनते ही दुकानदार इस कदर घूरता है जैसे किसी भिखमंगे से सामना पड़ गया हो। कुल मिलाकर यह कहना ही बेहतर होगा कि वह जमाना लद गया जब हमारा हर सिक्का चलता था। लखनऊ शहर को सलाम किए अर्सा बीत गया , सुना है कि अब नउवाबों का शहर नखलऊ काफी तब्दील हो गया है। काश! हमने शहर-ए-लखनऊ से मुहब्बत न की होती यह

लखनऊ की एक शाम दुनिया भर के ब्लॉगरों के नाम.

अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन  की लखनवी शाम यानि अवध की एक शाम ही नहीं पूरा का पूरा दिन दुनिया के हिन्दी ब्लॉगरों के नाम होने जा रहा है । देश व विदेश के ब्लॉगर अगले महीने लखनऊ मे जुटेंगे ।  नए मीडिया के सामाजिक सरोकार पर बात करेंगे । इस बहस-मुहाबिसे मे पिछले कुछ दिनों से चर्चा के केंद्र मे रहे इस नए मीडिया पर मंथन होगा। साथ ही  सकारात्मक ब्लोगिंग को बढ़ावा देने वाले  51  ब्लॉगरों को   ' तस्लीम परिकल्पना सम्मान- 2011'   से नवाजा जाएगा । साथ ही   हिंदी ब्लोगिंग दशक के सर्वाधिक चर्चित पांच ब्लोगर और पांच ब्लॉग के साथ-साथ दशक के चर्चित एक ब्लोगर दंपत्ति को भी परिकल्पना समूह द्वारा   सम्मानित किया जाएगा ।     यह सम्मान   27 अगस्त को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह मे आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन   मे दिये जायेंगे  । कौन-कौन आ रहे हैं, जानने के लिए आगे पढ़ें >>>> ..