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जब नेता जी गांव में आते तब तब मैं शाला जाता हूं.

जयपुर और दिल्ली के बाद जबलपुर में लगाऊंगा कविता पोस्टर प्रदर्शनी : विनय अम्बर

जी हां मेरी ही कविताएं हैं विनय अम्बर के बनाए पोस्टर्स में........ जयपुर और दिल्ली में एक्ज़ीबीशन लग चुके हैं..  विनय अम्बर ने अल्टीमेटम दे दिया था गिरीश भैया कल कविताएं मिल ही जानी चाहिये.. दस कविताएं.. न उससे भी ज़्यादा कविताएं दीं विनय को.......    खूबसूरती के साथ उकेरे गए चित्रों के संग साथ मेरी कविताएं लिख दीं विनय भाई ने......... कविता पोस्टर दिसम्बर २०११ को जयपुर में लगे थे फ़रवरी में विनय ने दिल्ली में लगाए........... कल विनय ने बताया "भैया. जबलपुर में लगाऊंगा कविता पोस्टर प्रदर्शनी." ये हैं विनय-अम्बर   जबलपुर को जिस पर पूरा भरोसा है...मैं  भी इनके उजले कल को देख पा रहा हूं......... जो बहुत नज़दीक है............ जब आप पूछेंगे -जी विनय को आप जानते हैं..?