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दादा ईश्वरदास रोहाणी : कुछ संस्मरण...

 बावरे-फ़क़ीरा एलबम विमोचन   दादा दादा दादा...   आखिर क्या थे दादा जबलपुर वालों के लिये. सबके अपने अपने संस्मरण होंगे कुछ बयां होंगे कुछ बे बयां आंसुओं में घुल जाएंगें पर हर उस व्यक्ति के मानस  पटल से  दादा का व्यक्तित्व ओझल नहीं होगा जो दादा से पल भर भी मिला हो. सैकड़ों लोगों की तरह मेरा भी उनसे जुड़ाव रहा है. हितकारणी विधि महाविद्यालय के चुनावों में मेरा ज्वाइंट-सेक्रेटरी पोस्ट के लिये इलेक्शन लड़ना लगभग तय था. प्रेसिडेंट पद के प्रत्याशी    कैलाश देवानी   ने कहा मैं दादा का आशीर्वाद लेने जांऊगा.. तुम भी चलो..गे.. ?     मैं उनको जानता ही नहीं फ़िर वो क्या सोचेगें..     मेरी बात सुन मित्र कैलाश देवानी ने कहा- एक बार चलो तो सब समझ जाओगे..         मित्र की बात मुझसे काटी नहीं गई. हम रवाना हुए.. हमें आशीर्वाद के साथ मिली नसीहत - सार्वजनिक जीवन में धैर्य सबसे ज़रूरी मुद्दा है. आप को सदा धैर्यवान बनना होगा. मेरा आप के साथ सदा आशीर्वाद है. बात सामान्य थी पर व्यक्तित्व का ज़ादू दिलो-दिमाग़ पर इस कदर हावी हुआ कि साधारण किंतु सामयिक शिक्षा जो तब के  हम युवाओं के लिये ज़रूरी थी इत

बेटी बचाओ अभियान को व्यापक जन समर्थन

शहरी क्षेत्रों और पढ़े लिखे लोगों के बीच बेटियों का अनुपात कम होना चिन्ता का विषय है :                                                                                                 शिवराज सिंह मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दृढ़तापूर्वक कहा है कि कन्याओं तथा स्त्रियों के संरक्षण के लिये सभी संबंधित कानूनों का पूरी कड़ाई से पालन कर प्रदेश में उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान निश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ‘‘ बेटी बचाओं अभियान ’’ बेटियों के संरक्षक , संपोषण और सम्मान के लिये शुरु किया गया एक ऐसा सामाजिक महा अभियान है जिसमें सभी राजनैतिक दलों , संगठनों और संस्थाओं सहित समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी होने पर ही वांछित सफलता मिलेगी। यह कोई राजनैतिक कार्यक्रम नहीं , बल्कि सामाजिक मिशन है। श्री चौहान आज अपने निवास पर श्री नवदुर्गा महोत्सव के दौरान नवमीं के अवसर पर 1100 से अधिक कन्याओं की पूजा और उन्हें भोजन कराकर ‘‘ बेटी बचाओं अभियान ’’ का शुभारम्भ करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सैकड़ों की तदाद में कन्याएँ , उनके अभिभावक ,