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सोशल मीडिया पर वायरल अभिशप्त गंधर्व : केशवलाल जी

आपको कभी लगता है कि सही ही है कि असाधारण प्रतिभा का धनी कोई गंधर्व शापित होकर क्या करता होगा कैसा रहता होगा इस धरती पर तो   आप इस कथा को अवश्य देखिये . श्री लंका में सैन्य कर्मियों का मनोरंजन करने वाले पिता से संगीत विरासत में पाकर केशव ने अपना हाथ हारमोनियम पर आज़माना और तब के गीतों को गाना   शुरू किया तो युवती सोनी बाई के इश्क में गिरफ्त हो गए . सोनी खुद संगीत की रसिक थीं . तब उनकी   उम्र 17 साल की थी. माया नगरी मुंबई तबकी बम्बई में वी. शांताराम के स्टूडियो के बाहर हारमोनियम पर फुदकतीं अँगुलियों ने शांताराम जी को मोहित कर लिया था. केशव -सोनी            फोटो साभार :- राहुल राउत   उनके लिए काम मुक़र्रर हुआ.नागिन में संगीत सहयोग दिया. परिवार के लिए नौकरी  न  स्वीकारंना केशव जी का ही निर्णय था . श्री केशव जी ने लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल जी के साथ भी काम किया.  फिर पूना में फुटपाथी केशव  सपत्नीक  सडकों पर गीत गाकर मुश्किल से जीवन जी रहे थे कि एक दिन उन पर आनंद सराफ नाम के बैंक कर्मी की नज़र पड़ी फिर क्या था बैंक कर्मियों ने एक सहायतार्थ शो रख कर उनकी मदद की . शो के निदेशक थे श्री आशोक भारुक आ