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यशभारत पर मिसफिट

    Sunday, 17 January, 2010 मोनिका गुप्ता के रांचीहल्ला  पर प्रकाशित आलेख आफत में आधी आबादी   से प्रेरित  9 अगस्त 2008 को मिसफिट पर प्रकाशित एक आलेख  पुत्री वती भव कहने में डर कैसा आलेख मिसफिट के अलावा एक अन्य ब्लॉग पर प्रस्तुत किया गया था. indi blag netwoerk  पर भी इसे सराहा गया आज यानि 17 जनवरी 2010 को फिर यशभारत ने इसे प्रयोग में लेकर गैर  नेट पाठकों तक पहुंचाया . यश भारत ने कैसा छापा इसे पाबला जी ही बताएँगे प्रिंट मीडिया पर ब्लॉगचर्चा  जो दिनांक 18 .01 .2010 को  02 :11 बजे के बाद दिख जाएगा 

"अखंड टिप्पणी-वता/वती भवेत !!"

आप सभी का मिसफिट पर हार्दिक स्वागत हैइस ब्लॉग पर आते ही आपकी समस्त टिप्पणी से सम्बंधित कामनाएं बाबा टिपोर नाथ के आशीर्वाद से पूर्ण हो जायेंगी. आप सभी का हार्दिक स्वागत है जो टिप्पणियां देने आए जो आ रहें हैं तुरंत आ जाएँ कसम से बाबा टिपोर चाँद का आशीर्वाद से आपका ब्लॉग भी भरी-पूरी सुहागिन सा दमकता चमकता दिखेगा

मिसफिट पर होटल्स की जानकारी लेकर निकलिए विश्व यात्रा पे निकलिए

मित्रो मुझे कल ही पहला विज्ञापन मिला हैं इस ट्रेवल कंपनी से EMMA के मेल से मन उत्साहित हुआ चलो पहला विज्ञापन मिला मेरे हिन्दी ब्लॉग को । झट समीर लाल जी से बात कर के मैंने स्वीकृति दी आज विज्ञापन टांक भी दिया है यहाँ और यहाँ भी । देखता हूँ वादे के मुताबिक डालर आते हैं तो ठीक है वरना जय राम जी की करना ही पडेगा । तब तक आप विश्व यात्रा पर निकलना चाहतें हों तो पास पोर्ट एप्लाय कर ही दीजिये । वैसे इस बात का खुलासा आशीष खंडेलवाल जी कर रहे हैं की डालर वाली दिल्ली बहुत दूर है बहुत दूर सो इस पोस्ट को लिखने के बाद मैं इस विषय से मैं बहुत .दूर .. चला ।

ब्लॉग-पार्लियामेन्ट की जुगत ज़मने लगी है:

ब्लॉग जगत अब प्रजातान्त्रिक-सूत्र में पिरोया जाने वाला है। इसकी कवायद कई दिनों से फुनिया फुनिया के कई दिनों से जारी थी. सूत्रों ने बताया इस के लिए आभासी-संविधान की संरचना के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं . बताया जाता है की जिस शहर में सर्वाधिक ब्लॉगर होंगे उसे "ब्लागधानी "बना दिया जाएगा . ब्लॉग'स में प्रान्त/भाषा/जाति/वरन/वर्ग/आयु का कोई भेदभाव नहीं होगा . कुन्नू सिंह की अध्यक्षता में बनने वाली ब्लॉग-संविधान की संरचना की जानी लभग तय है. जिसके प्रावधानों में निहित होगी ब्लॉग-सरकार की व्यवस्थाएं .अंतरिम-सरकार के सम्बन्ध में अनाधिकृत जानकारी के अनुसार एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाना है जिसका संघीय स्वरुप होगा . तथा शासनाध्यक्ष /मंत्रालय की निम्नानुसार व्यवस्था प्रस्तावित होगी :- ब्लागाध्यक्ष : एक पद प्रधान-ब्लॉग-मंत्री अन्तर-राष्ट्रीय मामलों के मंत्री कायदा-मंत्री टिप्पणी-मंत्री प्रति-टिप्पणी मंत्री गुम-नाम टिप्पणी प्रतिषेध-मानती बिन-पडी पोस्ट टिपियाना मंत्री नारी-ब्लॉग मंत्री राजनीतिक /धर्म/संस्कृति/तकनीकी सहित उतने मंत्री होंगें जितने विषयों पर ब्लॉग लिखे जा रहें हैं। इस

रविवार शाम ढलते-ढलते एक ब्लॉग चर्चा !!

"प्यार करते हैं", बयाँ भी किया करतें है हज़ूर ये न करें तो बवाल मचने का पूरा खतरा है की कहीं कोई पूछ न ले कि क्‍या हम प्‍यार कर रहे थे ... ?। कुछ बेतुकी, और अनाप शनाप बाते ,यकीनन आहिस्ता आहिस्ता.. ही समझतें है लोग यदि न करें तो क्या करें भैया एक ब्लॉगर भैया ने किसी की '' पोस्ट " , क्या चुराई यमराज ने , " गीता - सार बता दिया जैसे ही सुमो , प हलवान ने जो बताया उससे सब को कुछ और पता चला । खैर जो भी हो उधर बात ज़्यादा नहीं बढेगी बस छोटे - बड़े का ओहदा तय होगा कहानी अपने आप ख़तम हो जाएगी । मुम्बई से बाहर जा सकता है भोजपुरी फिल्म उद्योग यदि तो "भइया" " जबलपुर - " आ जाना अपन इंतज़ाम कर देंगे यहाँ सबई कछु उपलब्ध है । आपका इंतज़ार रहेगा हम तब तक रख लिए हमने "तकिए पर पैर" और भोजपुरी निर्माताओं के निर्णय का इंतज़ार कर रहे हैं । राज के राज में मनोज बाजपेई, ,की किसी सांकेतिक पोस्ट का न आना अभिव्यक्ति पर सेंसर शिप जैसा है। जानते है जल में रह कर मगर से बैर ...........?

महिला मित्र का आभार जिनके कारण ............!!

"दीपावली का उपहार" भेजने वाली मित्र को सादर नमन करते हुए बता दूँ की जितना नशा इन सभी में एक साथ मिलता है वह इस विरहनी-लावण्या विरह का हजारवें भाग के तुल्य भी नहीं हैं ? { अपनी इन मित्र का आभारी हूँ जिनने मुझे शराब , की बोतलों का खजाना भेजा वर्ना यह पोस्ट न लिख पाता } यह विरह ईश्वर के प्रेम में पगी आत्मा को ही महसूस होता है न कि हर आत्मा को । ये , इश्क़ में घायल आवाज़ गोया , - ग़म ,को बयाँ करती सुनाई दे रही होगी आपको सुनाई दे भी क्यों न ........? इश्क हा ही ऐसी चीज़ आज़माना है तो आज़माइए किंतु याद रखिए मेरी इस बात को ------ इश्क कीजे सरेआम खुलकर कीजे.... भला पूजा भी कोई छिप-छिप के किया करता है ? पाकीज़ा जिंदगियां पाप की पडोसन , बनाना कभी न चाहतीं हैं और न चाहेंगी। किंतु हम क्या करें जब मन भीगा हो तो साँसें भी कभी सूखी रह सकतीं हैं ...... समीर लाल जी जो देसी मानस लेकर बिदेसिया हो गए है संगी कविताई करने वालों के साथ टी वी स्टूडियो में गए और कने लगे की ये लो भई-टीवी पर भी आ लिए, मैं ये तो नहीं कहूँगा की जं

समीर यादव एक उत्कृष्ट यात्रा पर......!!

" इस चित्र का इस पोस्ट से अंतर्संबंध कुछ भी नही बस जैसे लगा इसे भी आपको दिखाना है सो छाप दी समीर यादव की रचना शीलता ,चिंतन,सब साफ़ सुथरा और मोहक भी है । इनके ब्लॉग " मनोरथ '' में प्रकाशित पोष्ट शहीद पुलिस स्तरीय बन पडी है ।समीर भाई सच एक उत्कृष्ट यात्रा पर हैं । वहीं मेरी एक अन्य नम्रता अमीन का ब्लॉग गुजराती से हिन्दी की ओर आता नज़र आ रहा है ब्लॉग का शीर्षक है :- "કહો છો તમે કેમ? उधर कुन्नू भिया यानी अपने कुन्नू भैया की पोष्ट ईसबार Free Submission वाला साईट बनाया हूं। देख लें... 'का वाचन ज़रूर कीजिए । निरन्तर -हमको कुछ न कुछ अच्छा करते रहना चाहिए ताकि "ब्लाग- कालोनी का नज़ारा करते वक्त उनकी नज़र " , कदाचित आप पर पड़ जाए । टुकडे अस्तित्व के -, को भी नकारा न जाए क्योंकि शून्य में से शून्य के निकलते ही शून्य फ़िर शेष रह जाता है। चलिए अब आप अपना पना पता दे दो ताकि अपन भी आपके ब्लॉग को देख आएं । मीडिया नारद पर -"राज क्यों बने राज" बांचना न भूलिए " तो फ़िर मन को भावुक करे वाला ब्लॉग - मिस यू पापा...... आज ही नहीं सदैव दे

एक लाइन की चर्चा :

आज सोच रहा हूँ चर्चा करुँ चिट्ठों पर कुछ ग़लत लिख जाए तो टिपिया देना भाइयो और बहनों वास्तव में चिट्ठों को चर्चित करना उद्देश्य है न की किसी को दु:खी करना केवल ब्लाग्स के शीर्षकों को बांच के यूँ ही कुछ कहने से कैसा लगेगा चिरकुट चर्चा :- अमर सिंह की एक और चिरकुटाई यह शाम फिर नहीं आयेगी: -अच्छा ....?तो शाम बंद करने का आदेश इनको पृष्ठांकित हुआ है.......! रावण तो हर दौर में रुलाएगा ही... :-यदि आप इनको चुन के भेजते रहे तो.....इनको चुनो मत चिनो..भाई इंतजार भी कितनी खूबसूरत होती है.. है ना? :- इंतज़ार करोगी तो खूबसूरत होगा और इंतज़ार करोगे तो खूबसूरत होगी आप कर रहें हैं या कर रहीं हैं ? मनोरोगी और हम लोग. :- veerubhai बीच में "और" लिख के कर दिया न लफडा ? मोमबत्ती की रोशनी में कवितापाठ :- पावर कट के दौर में इससे ज़्यादा आप भी क्या करते ? वीर में योद्धा बनेंगे सलमान :- फ़िर से शिकार करने जा रहे हैं चिंकारा का.....? जल्द शादी करना चाहता हूं: राहुल भैया क्या इस मसले को भी सरकारी मंजूरी दिलाएंगी मम्मी ? गुरु दत्त , एक अशांत अधूरा कलाकार ! .............हमारी भी भावुक श्रद्धांज

चिट्ठा-चर्चा" के बहाने :एक चर्चा और !

हिन्दी में चिट्ठों का सफ़र , निरंतर जारी है आप रात तीन बजे भी अगरचे http://chitthacharcha.blogspot.com/ लिंक पे चटका लगाएंगे तो कोई-न-कोई चिट्ठा प्रसूता होगा आपके सामने । शायर परिवार की श्रद्धा जैन सिंगापुर से ग़ज़ल भिगो रहीं हैं स्वयं भीगी गज़ल के ज़रिये जब की उनके ब्लॉग पे भारी भीड़ रहती है । चिट्ठाकारी के इस उदाहरण से स्पष्ट है की चिटठाकारी का आकर्षण इन एग्रीगेटरों ने बढाया है चाहे वो ब्लागवाणी हो http://www.blogvani.com/ या कि चिट्ठाचर्चा अथवा कोई और सभी चाहतें हैं हिन्दी ब्लागिंग को बढावा देना ...? रही बात थोडी खटर - पटर की सो जहाँ " चार बरतन .......... ज़रूर ...? " बस टूटें कभी न इसी मंगल कामना के साथ पोस्ट लिख रहा हूँ । अपुन ने तो चिट्ठा कारी शुरू की थी अपने भतीजे आभास जोशी को पापुलर कराने के लिए । वास्तव में नेट ऐसी जगह है जो आभासी होने के बावजूद सर्जन का बेहतरीन मंच तभी हम यहाँ ठहर गए और जारी हैं हमारी गुरु हैं पूर्णिमा जी और श्रद्धा जी हिंद युग्म ने भी

रोको उसे वो सच बोल रहा है

This item was reported for abuse। Moderator decision is pending. इस नोटिस को देख कर मुझे लग रहा है आजाद भारत में सिर्फ़ सत्य कहना अपराध है ....? जी हाँ वेब दुनियाँ के इस यू आर एल => http://savysachi.mywebdunia.com/2008/09/12/1221160980000.html , पर पोस्ट किए गए आलेख -" राज़ ठाकरे जी "सादर-अभिवादन" " जो मेरे सव्यसाची ब्लॉग पर प्रकाशित है ..... किसी ने सच ही कहा है "उसे रोको वो सच बोल रहा है, कुछ पुख्ता मकानों की छतें खोल रहा है अगर माफी मागने और अपनी पोस्ट हटाने में इस देश का कोई भला हो रहा है तो मैं तुरंत ही माफ़ी मांग लूंगा , अभी तो मेरा दिमाग इस गुमान में है कि रोको इस आग को... के आव्हान को वैचारिक सहयोग दे सकूं .यदि एक भारतीय को सच बोलने का अधिकार नहीं हो तो .......? फ़िर उसे क्या करना चाहिए ....मेरी समझ से परे है। मुझे तो लग रहा है गोया मित्र आस्तीन के साँपों को भी सूंघ गए साँप

नीरज जी के नाम खुला ख़त

नीरज जी शुक्रिया आप के आलेख भी जबरदस्त होते हैं मधुबाला की तस्वीर को परिभाषित करतीं आपकी ये पंक्तियाँ जो मधुबाला को मोनालिसा से तौलतीं हैं मुझे आपसे जोड़े रखने का मुख्य कारण है:- जो बात गीता में अन्जील और कुरान में है उसी तरह की सदाकत तेरी मुस्कान में है और ये तो कमाल है भीगती "नीरज" किसी की याद में आँख को सबसे छुपाना सीखिए यायावर जी को और विस्तार पथ प्रशस्त करने आपने जो पोस्ट लिखी वहीं से ये दोहे तुम साँसों में बस गयीं,बन बंसी अभिराम तन वृन्दावन हो गया,पागल मन घनश्याम ज्ञानी,ध्यानी,संयमी,जोगी,जती,प्रवीण फागुन के दरबार में,सब कौडी के तीन आपकी चयन प्रकृति का परिचय है फ़िर जिस लज़ीज तरीके से "बेक्ड-समोसे" परोसे उसके लिए सुबह-सुबह शुक्रिया बेहतरीन ब्लॉग के लिए बधाइयों के ट्रक मुंबई में इस पते पर भेज दूँ नीरज गोस्वामी मुम्बई, महाराष्ट्र, इंडिया किंतु पूरा पता मिलता तो उम्दा होता खैर कोई गल नहीं आपके पूरे ब्लॉग में ये बात मुझे सटीक नहीं लगती जिंदगी भाग दौड़ की "नीरज" यूँ लगे नीम पर करेला है ये मेरी सोच है बुरा मत मानिए आप जैसा मुम्बइया-भाषा:"बिंदास" व्यक

कार्टूनिष्ट राजेश कुमार दुबे

doobeyji वाले राजेश कुमार दुबे बेहद संजीदा इंसान हैं । इनके इर्द गिर्द जो भी दिखाई देता है बड़े सलीके से दिमाग की जेब में डाल लेतें हैं । जबलपुर में कार्टूनिष्टों की लम्बी क़तार तो नहीं है किंतु जितने भी हैं उनमें भाई राजेश का जबाव नहीं इन दिनों वे इन दो ब्लॉग पर काम कर रहे हैं रंग परसाई दुबेजी दोनों ही ब्लॉग कार्टूनों से सजाते दुबे जी को शुभ कामनाएं

टोरोंटो , ओंटारियो अराइव्ड फ्राम ब्लागवाणी .कॉम ऑन

FEEDJIT लाइव ट्रैफिक फीड,पर Toronto, Ontario arrived from blogvani.com on तो समझ लीजिए उडन तश्तरी .... , के हाथों आप पकड़ लिए गए , यानी भाई समीर लाल सबको बांचते हैं...? जी सही है वो सबको पढ़्तें हैं। जबलपुर : मध्य प्रदेश ऐसी जगह है जहाँ संस्कार उगतें हैं और छा जातें हैं विश्व पर । भाई समीर जी आज मातृदिवस -पर सव्यसाची माँ प्रमिला देवी जो कहानी कहते-कहते सो गयी माँ .....? को याद ही कर पा रहा हूँ .... सभी औरतें जो माँ बनतीं हैं सच ईश्वर से कम होतीं भी नहीं हैं..... दुनिया रचने वाली माँ , तुमको शत शत नमन

ब्लोंग-दमदार है....और रहेंगे

ज्योतिष और भारत-अरब विद्वान ईसा मसीह किस भाषा में बात करते थे? <= इनको पढिये आगे बढ़िए तो ये शैलेश भारतवासी भाई साहब Raviratlami Ka Hindi Blog के अलावा कई पागलों की तरह लगें हैं ,कई-कई रात थका देने वाली राते ये दीवाने नेट के इतिहास में अपना नाम जोड़ रहें हैं...? कई और है जैसे ये=> महेंद्र मिश्रा.. भाई साहब हैं तो मेरे शहर के किन्तु इनकी उड़ान दुनिया भर की । यूनुस खान का हिंदी ब्‍लॉग : रेडियो वाणी ----yunus khan ka hindi blog RADIOVANI वाले यूनुस जी तो कमाल के कारनामें होते हैं बस और क्या कहूँ आप खुद समझदार हैं..... मोहल्ला भर के लोग हिंदी किताबों का कोना इस लिए खोजतें हैं ताकी उनको कोई सस्ता शेर मिल जाए । और न मिले तो न्योत रहें हैं अपने यशवंत भैया http://bhadas.blogspot.com/ भडासी तो बन ही सकतें है। मैं आरकूटिंग से अंतर जाल पे आया आभास जोशी के लिए मेरा भतीजा वी० ओ० आई० में तब था उसने जिसने शान की जगह ले ही है । चिट्ठों की चीर फाड़ करते कराते ब्लॉगर बन ही गया । सभी नेट पर आने वालों को मेरा अभिवादन ब्लॉगर और ब्लोंग आने वाले कल सूचना तंत्र का सबसे लोक-प्रिय और शक्ति शाली