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डा. मलय जटिल नहीं है ..

डा. मलय       डा. मलय एक सतत संघर्ष का पर्याय है. स्पष्ट हैं .. सहज हैं सरल हैं किंतु  जाने क्यों मलय जी को    को अभिन्न मित्र जटिल मानवाने की कवायद में लगे हैं.  भई आप जो भी जैसा भी समझें आपका व्यवसाय है मेरी समझ अनुसार वे सहज सरल सरित प्रवाही हैं.    मुझे अच्छी तरह याद है कि मेरे मित्र ने पूछा  -"यार मलय जी गीत के विरोधी हैं क्या गीत कविता नहीं.... ?"  मेरा निवेदन था उस मित्र से -"भई, एक दम राय कायम मत करो. " मलय को पढो तब जानो कि वो क्या है.  किसी ने कहा वे परम्पराओं के प्रति अत्यधिक नकारात्मक रूप से संवेदित हैं.. तो कोई कहता था कि मल, हां भई बहुत जटिल हैं.. तो किसी ने यह तक कह डाला कि उनकी रचनाओं में बेहद जटिलता है ..!!   मुझे लोगों के इस वाक-विलास से कोई लेना देना नहीं है. पर सुनी सुनाई ध्वनियों की सचाई जानने की मानवीय प्रवृति औरों सी मुझमें भी है सो डा. मलय जी पर ध्यान देने लगा. अगर मलय जी जटिल हैं तो तय है कि वे उपेक्षा भी करेंगे पर ऐसा कुछ नहीं दिखा उनमें.  धार्मिक   सामाजी   संस्कारों    की   घोर   उपेक्षा   करते कभी भी नज़र नहीं आए डा. मलय   ..