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महाजन की भारत यात्रा

"स्वागत के क्षण "                   अमेरिका के चवालीसवें राष्ट्रपति  " बराक़-ओबामा " जो व्यक्तिगत रूप से भारत के हितैषी माने जाते है की भारत यात्रा आज़ से अगले शेष दो  दिनों में क्या रंग दिखाएगी इस बात से का असर अगले तीन बरस के बाद से सामने आयेगा.कोई उनको अमेरिकी उद्योगों-उद्योगपतियों के वक़ील के रूप में  देख रहें हैं तो कुछ लोग बराक़ सा’ब को भारत का खैर-ख्वाह मान रहें हैं.शायद इस बात को सहजता  से स्वीकरने में मुझे हिचकिचाहट है. पर उनकी यात्रा पर लगातार अपडेट होतीं  खबरों से एक बात ज़रूर स्पष्ट है कि भारत के प्रति अमेरिकी नज़रिये में कुछ बदलाव ज़रूर आया है.सच यही कि भारत ने कम से कम इतना एहसास तो करा ही दिया है कि अब वो एक आर्थिक महाशक्ति  है.पहली बार लगा कि वे  भारत को  पाकिस्तान के बाजू वाले पलड़े में नहीं रख रर्हें हैं जैसी आशंका मेरे अलावा कई लोगों की थी .  अमेरीक़ी राष्ट्रपति महोदय ने नेहरू जी के कथन का पुनरुल्लेख :-" 'हम आज़ादी की  मशाल को कभी बुझने नहीं देंगे, और कहा :- अमरीकी इस कथन पर विश्वास करते हैं !" सचाई भी यही है तभी तो ओबामा साहब यह भी ज

बराक़ साहब के नाम एक खत :ट्वीट कर दूंगा

दुखद सूचना : खुशदीप सहगल भैया के पिताश्री के  निधन की सूचना से ब्लाग जगत स्तब्ध है.  82 वर्षीय पिताजी का मेरठ के एक अस्‍पताल के आई सी यू में 5 नवम्‍बर 2010 की प्रात: बीमारी से निधन हो गया है। शोक-संतप्‍त परिवार के प्रति नुक्‍कड़ अपनी संवेदना व्‍यक्‍त करता है और परमपिता परमात्‍मा से दिवंगत आत्‍मा की शांति के लिए प्रार्थनारत हैं हम सभी ( तीन )( चार   )                     इस वर्ष यानी 05 नवम्बर 2010 को  दीपावली पूजा का शुभ मुहुर्त सुबह 06:50 से 11:50 आज दोपहर  12:23 से 04:50 संध्या  05:57 से 09:12 ,रात 09:12 to 10:47 रात्रि 11:57 to 12:48 बजे ज्योतिषानुसार नियत है. शेयर बाज़ार  भी पूरे यौवन पर बंद हुआ. कुल मिला कर व्यापार के नज़रिये से भारत ऊपरी तौर मज़बूत नज़र आ रहा है.भारत में विदेशी पूंजी के अनियंत्रित प्रवाह को आशंका की नज़र से देखा जा रहा था,उस पूंजी की मात्रा में कमी दिखाई देना एक शुभ सगुन ही है ( एक ) एवम ( एक-01 ) यानी  विदेशी कम्पनीयों पर लगाम लगाते हुए  भारतीय बाज़ार से प्राप्त लाभ के प्रतिशत में कमीं आना निश्चित है. किंतु क्या यह स्थिति बनी रहेगी क्या भारतीय घरेलू उत्पादन