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एक लाइन की चर्चा :

आज सोच रहा हूँ चर्चा करुँ चिट्ठों पर कुछ ग़लत लिख जाए तो टिपिया देना भाइयो और बहनों वास्तव में चिट्ठों को चर्चित करना उद्देश्य है न की किसी को दु:खी करना केवल ब्लाग्स के शीर्षकों को बांच के यूँ ही कुछ कहने से कैसा लगेगा चिरकुट चर्चा :- अमर सिंह की एक और चिरकुटाई यह शाम फिर नहीं आयेगी: -अच्छा ....?तो शाम बंद करने का आदेश इनको पृष्ठांकित हुआ है.......! रावण तो हर दौर में रुलाएगा ही... :-यदि आप इनको चुन के भेजते रहे तो.....इनको चुनो मत चिनो..भाई इंतजार भी कितनी खूबसूरत होती है.. है ना? :- इंतज़ार करोगी तो खूबसूरत होगा और इंतज़ार करोगे तो खूबसूरत होगी आप कर रहें हैं या कर रहीं हैं ? मनोरोगी और हम लोग. :- veerubhai बीच में "और" लिख के कर दिया न लफडा ? मोमबत्ती की रोशनी में कवितापाठ :- पावर कट के दौर में इससे ज़्यादा आप भी क्या करते ? वीर में योद्धा बनेंगे सलमान :- फ़िर से शिकार करने जा रहे हैं चिंकारा का.....? जल्द शादी करना चाहता हूं: राहुल भैया क्या इस मसले को भी सरकारी मंजूरी दिलाएंगी मम्मी ? गुरु दत्त , एक अशांत अधूरा कलाकार ! .............हमारी भी भावुक श्रद्धांज