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वीरांगना रानी चेन्नम्मा आलेख :- आनंद राणा जबलपुर

"जब तक तुम्हारी रानी की नसों में रक्त की एक भी बूंद है,कित्तूर को कोई नहीं ले सकता" - वीरांगना रानी चेन्नम्मा🙏"आईये अवतरण दिवस पर गर्व के साथ नमन करें.. भारत की प्रथम वीरांगना कित्तूर की रानी - चेन्नम्मा को जिन्होंने 11 दिन लगातार अंग्रेजों को पराजित किया और 12 वें अपने लोगों के ही धोखा देने से वो पराजित हुईं ..आईये जानते हैं कि वीरांगना रानी चेन्नम्मा का गौरवशाली इतिहास 🙏🙏 1. रानी चेन्नम्मा का परिचय- रानी चेन्नम्मा भारत की स्वतंत्रता हेतु सक्रिय होनेवाली पहली वीरांगना थीं । सर्वथा अकेली होते हुए भी उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य पर दहशत जमाए रखी। अंग्रेंजों को भगाने में रानी चेन्नम्मा को सफलता तो नहीं मिली, किंतु ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध खड़ा होने हेतु रानी चेन्नम्मा ने अनेक स्त्रियों को प्रेरित किया। कर्नाटक के कित्तूर रियासत की वह वीरांगना चेन्नम्मा रानी थी। आज वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के नामसे जानी जाती है।  2.रानी चेन्नम्मा का बचपन- रानी चेन्नम्मा का जन्म काकती गांव में (कर्नाटक के उत्तर बेलगांव के एक देहात में )23 अक्टूबर 1778