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बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड यू के फ़ॉर पोट्रेट में शामिल हुई स्वामी विवेकानंद की 8 हज़ार वर्ग फ़ीट अनाजों से बनी रंगोली

ग्रामीण कलाकार सतीश गुर्जर ग्राम कुकराबद जिला हरदा  एक ऐसे लोग कलाकार हैं जो अनाज का उपयोग कर विशालकाय पोट्रेट बनाते हैं। विगत सप्ताह उन्होंने अपनी 60 सदस्यीय टीम के साथ स्वामी विवेकानंद की तस्वीर रंगोली के माध्यम से हरदा डिग्री कॉलेज कंपाउंड में बनाई। इस कलाकृति के निर्माण में टीम को 3 दिन लगे। बनाई गई कृति में लगभग 50 क्विंटल अनाज का उपयोग किया गया। प्रत्यक्षदर्शी श्रीमती शुभा पारे एवं श्री राजेन्द्र गुहे बताया कि इस अनाज से बनी रंगोली को देखने विवेकानंद जयंती यानी आज 12 जनवरी 2021 से 13 जनवरी 2021 तक का समय निर्धारित है।  बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड फ़ॉर पोट्रेट यू के  में अब तक इस श्रेणी में 8000 वर्ग फीट की कृति नहीं बनी थी जिसे श्री सतीश गुर्जर एवं उनके साथियों ने बनाया। कलेक्टर हरदा तथा हरदा की विधायक उद्घाटन के मौके पर विशेष रूप से उपस्थित रहे हैं। इस कलाकृति में 10 सदस्य के रूप में बिल्लोरे परिवार की की एक बेटी का नाम भी दर्ज हो गया है ।   नार्मदीय ब्राह्मण समाज  की बिटिया कु. सलोनी बिल्लौरे  टिमरनी पिता स्व. श्री कृष्ण कांत बिल्लौरे निवासी टिमरनी भी इस में सदस्य के रूप म

हरदे वाला बाबूलाल

हरदे* वाला बाबूलाल  एक टांग पर खड़ा  एक हाथ उंचा आकाश को निहारता  अक्सर देखा जाता था  घंटाघर में  जोर जोर से कुछ बोलता था  जाने क्या कौन जाने  काला   कम्बल  कब सोता था उसे ओढ़कर  कौन जाने ? किसानों की छकड़ी से  बाबूलाल को तकते बच्चे  पूछते - " यो  काई बोलच दाजी " .... कुण जाणा  कई बोले है .... पोरया, अ वो धसाढ़नई  मुड़ो  भित्तर कर ....... बच्चे छिप जाते गाड़ी के भीतर  हरदे वाला बाबूलाल  एक टांग पर खड़ा  एक हाथ उंचा आकाश को निहारता  लोग कहते थे  गरिया रहा है  अंग्रेजों को.…………………।  मेरे  घर के ऐन  सामने वाला बूढ़ा भी  है  रोज़िन्ना ...................... लोगों को गरियाता है मातृ-भगनी अलंकरण करता   पर वो बाबूलाल नहीं है हरदे वाला    यह कविता श्रीमती जी से आज सुबह हुई चर्चा पर आधारित है      * हरदे= हरदा