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भारतीय भाषाओं के उन्नयन के साथ हिंदी का विकास संभव है

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*हिंदी अमिय रसधार* अमिय रसधार भाषा प्रांजल प्रवासी मोहित कर लेती है। इस भाषा में देशज और विदेशी शब्दों का सम्मिश्रण की भाषा के प्रवाह को विचलित नहीं करता। देशज भाषाएं बोलियां हिंदी का कलेवर मजबूत और उसके सौंदर्य वृद्धि कारक होते हैं। हिंदी का विरोध इन दिनों दक्षिण भारतीय भाषा के बोलने वालों द्वारा किया जा रहा है। जबकि हिंदी 1950 के बात से उपेक्षा का शिकार रही है। यह सब राजनीतिक कारण है जो साहित्य के विरुद्ध जाते हैं। भाषाओं में आपसी विरोध पैदा करना भारत के लिए एक सबसे दुखद पहलू है विघटन के आधार में जाति संप्रदाय और भाषा क्षेत्रवाद का योगदान होता है। जबकि भारत को समझने के लिए हमें हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को समृद्ध करना होगा। कल रात्रि अर्थात 13 सितंबर 2021 को एक सामूहिक चर्चा में मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि हिंदी भाषा किसी भाषा का विरोध नहीं करती बल्कि हिंदी भाषा का निर्माण ही सभी भाषाओं के सम्मान के लिए किया गया है। आज मुझे व्यवहार राजेंद्र सिंह याद आ रहे हैं आज उनका जन्मदिन है राजभाषा का दर्जा दिलाने उनके योगदान को भुलाना बहुत मुश्किल है। वह जबलपुर से थे और जबल

*Dismantle Hinduism : सनातन के विरुद्ध आधारहीन वैश्विक अभियान ... भारतीय दार्शनिक और चिंतक शुतुरमुर्ग बने !* आर्टिकल 01

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*Dismantle Hinduism : सनातन के विरुद्ध आधारहीन वैश्विक अभियान ... भारतीय दार्शनिक और चिंतक शुतुरमुर्ग बने !*      इन दिनों सनातन के खिलाफ अमेरिका में लगभग 40 यूनिवर्सिटीज मिलकर एक बहुत बड़ा आयोजन कर रही है जो सनातन धर्म या हिंदुत्व के विरुद्ध एक नैरेटिव सेट करने का प्रयास है। मैं इस प्रयास की घोर निंदा करता हूं और भारतीय समाज को आगाह कर देना चाहता हूं कि अगर यही परिस्थितियां बनी रही तो प्रत्येक भारतीय को शस्त्र उठाना आवश्यक हो जाएगा। भारत विस्तार वादी धर्म का प्रवर्तक भूभाग नहीं है। भारत सनातन मान्यताओं को आत्मसात करने के लिए किसी पर दबाव नहीं डालता। फिर तथाकथित आयातित विचारक भारत के खिलाफ उसके चिंतन के विरुद्ध इतना बड़ा अभियान क्यों चला रहे हैं और हमारे बुद्धिजीवी शुतुरमुर्ग क्यों है। इन सब बातों को समझने के लिए सबसे पहले हम भारतीय सनातन व्यवस्था और धर्म के विभिन्न पहलू उजागर करते हैं और यह भी कोशिश करते हैं कि आप तक हम सनातन के मूल तत्व को संप्रेषित कर सकें। भारतीय दर्शन का आधार सनातन क्या है यह सबसे पहले समझना जरूरी है। सनातन धर्म व्यवस्था है जो आदि से अनंत तक विस्त

युवा कृषि वैज्ञानिक डॉ आकाश पारे राजकीय सम्मान के साथ तमिलनाडु सरकार ने विदा किया

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   तमिलनाडु  के तंजौर में पदस्थ जबलपुर मूल के कृषि वैज्ञानिक डॉ आकाश पारे जिनका बचपन जबलपुर में बीता था निधन दिनांक 7 सितंबर 2021 को तंजौर में हो गया  । पंडित लज्जा शंकर झा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त स्वर्गीय शिक्षक श्री प्रकाश चंद्र पारे एवं हितकारिणी विद्यालय परिवार की शिक्षिका श्रीमती लीला पारे के कनिष्ठ पुत्र श्री आकाश पारे बचपन से ही मेधावी छात्र रहें है । वेब पंडित लज्जा शंकर झा मॉडल हाई स्कूल के छात्र थे। उनकी, शिक्षा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री  , तथा  डॉक्ट्रेट की डिग्री , तदोपरांत तंजावुर से एक और विषय में डॉक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त करने वाले डॉ आकाश ने कम समय में ही कृषि उत्पादन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा दिखानी प्रारंभ कर दी थी। तंजावुर यूनिवर्सिटी में बतौर सहायक प्राध्यापक और फिर प्राध्यापक के पद पर नियुक्त हुए। बड़े भाई विकास एवं डॉ आकाश ने बचपन से ही  अपने लक्ष्य निर्धारित कर लिए थे। डॉ आकाश की रिसर्च आधारित पुस्तकें विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रमुखता से पढ़ी जाती हैं। कृषि विज्ञान

बलोच युवाओं के लापता का सवाल पर यू एन ओ की रहस्यमयी चुप्पी.....!

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        सिंध देश और बलूचिस्तान के नागरिक इन दिनों पाकिस्तान के आर्मी प्रशासन से बेहद परेशान और दुखी हैं। आर्मी प्रशासन जब देखो तब इन समुदायों को बिना किसी अपराध के घर से उठाकर   ले जाता है और बरसो उनकी कोई खोज खबर नहीं मिलती   भी है तो किसी सड़क के किनारे क्षत-विक्षत मृत देह के रूप में या कमजोर शरीर वाले ना पहचान में आने वाले व्यक्ति के रूप में। जब यह पूछा गया कि क्या आप ऐसे ही कोई फिगर शेयर कर सकते हैं जिससे हम अनुमान लगा सके कि बलोच युवाओं को टॉर्चर किया जा रहा है ? बलूच एक्टिविस्ट ने बताया कि-" जब से तालिबान संकट प्रारंभ हुआ है 3000 से अधिक डेड बॉडी बरामद हुई हैं तथा लापता युवाओं की संख्या 50000 से अधिक   है।    बलोच एक्टिविस्ट यह मानते हैं कि पाकिस्तान की अदालतों में उनके परिजनों को जिन्हें घर से उठाया जाता है के संबंध में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं फाइल की जातीं हैं परंतु उन पर बहुत धीमी गति से निर्णय आते हैं और निर्णय कुछ इस तरह आते हैं कि पाकिस्तान आर्मी उन्हें नियमों के आधार पर प्रस्तुत करें। और जो अपील है संयुक्त राष्ट्र संघ के मानव अधिकार कार्यालय को प्रस्तुत की गई

अफगानिस्तान की महिलाओं और बच्चों का ईश्वर ही मालिक है...

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अफगानिस्तान में अमेरिका की फौज वापसी से साबित हो गया है कि अमेरिका ने बहुत जल्दबाजी की है अफगानिस्तान को छोड़ने में। अमेरिका को अफगानिस्तान छोड़ने से पहले मित्र राष्ट्रों जैसे नाटो संधि में संबद्ध राष्ट्रों भारत सहित दक्षिण एशियाई राष्ट्रों से वार्ता अवश्य करनी थी। समय सीमा सुनिश्चित होने के बाद अमेरिका को अपने साजो सामान के साथ वापसी करनी थी ना कि हेलीकॉप्टर एयरक्राफ्ट और बंदूक इत्यादि छोड़कर। अगर अमेरिका ने यह तय ही कर लिया था कि उसे अफगानिस्तान में केवल उन्हें निशाना बनाना है जो कि 9/11 के जिम्मेदार हैं ... तो उन्हें ओसामा बिन लादेन की हत्या के उपरांत तुरंत ही अफगानिस्तान छोड़ देना था। जो गार्डन का यह फैसला चिंतन योग्य नहीं होकर चिंता के लायक है। [  ] कहा जाता है कि आज उन महिलाओं ने प्रोटेस्ट किया जो अफगानिस्तान में रह गई हैं इसमें कोई शक नहीं कि महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए तालिबान की मनसा संदिग्ध है। [  ] महिलाओं को काम करने की आजादी देने वाला तालिबान एक शर्त लगाता है की महिलाओं को वही कार्य करने की अनुमति होगी जो शरिया के अनुकूल हो । [  ] आपने कुछ

और अमेरिकी राष्ट्रपति वीकेंड अवकाश पर हैं

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और जो बाइडन अवकाश पे हैं..! अमेरिकन रक्षा मंत्री लायड जेंमस ऑस्टिन आज इसलिए अमेरिका में आकस्मिक बैठक में शामिल हुए क्योंकि जो बायडन अवकाश पर हैं । और इधर काबुल से राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति अपना देश छोड़कर बाहर चले गए। कहां गए कैसे गए इन समाचारों के आने तक कल शायद फिलहाल यह कहा जा रहा है कि वी तजाकिस्तान के दुशांबे शहर चले गए हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि उनकी फैमिली भारत में आई है खैर जल्दबाजी होगा इस पर कोई टिप्पणी करना। सौहेल शाहीन जो तालिबान के प्रवक्ता  है ने स्पष्ट कर दिया है कि चीन के साथ तालिबान के संबंध है वे TV9 के संवाददाता दिनेश गौतम के साथ बात कर रहे थे। शाहीन बताते हैं कि तालिबान एट्रोसिटी के खिलाफ है। पर वे इस्लामिक अफगानिस्तान को बनाना चाहते हैं। वह महिलाओं को मुसलमानी संस्कारों के अनुकूल ही अधिकार देने के पक्ष में भी नजर आते हैं। बच्चों के लिए वे कमिटेड होने का दावा कर रहे हैं। वे भारत की सराहना करते हुए नजर आए स्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के संदर्भ में। तालिबान का कहना है कि हम शांतिप्रिय हैं हम किसी के खिलाफ नहीं है। हमारा पाकिस्तान से

पेड़ों को राखी बाँधे हम इस रक्षाबंधन पर

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#सप्तसूत्रीय_रक्षाबंधन पर्यावरण की जागरूकता के लिए 💐💐💐💐 आयोजन का नाम #सप्तसूत्रीय_रक्षाबंधन  दिनांक 22 अगस्त 2021 स्थान आपके द्वारा चिन्हित कोई भी स्थान 💐💐💐💐 आपसे अनुरोध है कि दिनांक 22 अगस्त 2021 को रक्षाबंधन के अवसर पर सात रंग के रेशमी अथवा सूती धागों से एक राखी बनाकर कम से कम एक वृक्ष को अवश्य बांधने का कार्य कीजिए। यह राखी पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों के लिए हमारा आभार व्यक्त करने का एक तरीका होगा ।  तथा #सप्तसूत्रीय_रक्षाबंधन लिख कर अपना वीडियो या सेल्फी वीडियो, अथवा सेल्फी फोटो विभिन्न सोशल मीडिया माध्यम पर पोस्ट कीजिए। इस आह्वान को जन जन तक पहुंचाइए  💐💐💐💐 भारतीय दर्शन एवं सनातन संस्कृति  में 7 का बड़ा  महत्व है। उदाहरण के तौर पर रेशम के सात रंगों के सूत्र से बना रक्षा सूत्र पृथ्वी की भौगोलिक अवस्था में भारत जिसे सप्तसेंधव कहा है, वैदिक सात-ऋषि एवं तारामंडल के सप्तऋषि, सूर्य की सप्त रश्मियां जिन्हें हम सूर्य के साथ घोड़े कहते हैं, सामवेद अनुसार सप्तस्वर , तारसप्तक, सतरंग, सातदिन,  का बोध देने वाली रक्षा बंधन का आव्हान है।    रक्ष