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जो पंगु गिरी को सहज ही लांघे तो मेरे रहबर बवाल होगा

कमाल होगा जो पंगु गिरी को सहज ही लांघे तो मेरे रहबर बवाल होगा। खुदा के बन्दों से जाके कह दो - कमाल हूँ तो कमाल होगा ॥ खुदा की रहमत से जो है रोशन दिया अंधेरी निशा का मेरी - उसी के कहने से ही बुझेगा , जो तुम बुझाओ कमाल होगा ।।