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शापित-यक्ष

       दीवाली के पहले गरीबी से परेशान   हमारे गांव में लंगड़ , दीनू , मुन्ना , कल्लू , बिसराम और नौखे ने विचार किया इस बार लक्ष्मी माता को किसी न किसी तरह राजी कर लेंगें . सो बस सारे के सारे लोग माँ को मनाने हठ जोगियों की तरह   रामपुर की भटरिया पे हो लिए जहां अक्सर वे जुआ - पत्ती खेलते रहते थे पास के कस्बे की चौकी पुलिस वाले आकर उनको पकड़ के दिवाली का नेग करते ये अलग बात है की इनके अलावा भी कई लोग संगठित रूप से जुआ - पत्ती की फड लगाते हैं ..... अब आगे इस बात को जारी रखने से कोई लाभ नहीं आपको तो गांव में लंगड़ , दीनू , मुन्ना , कल्लू , बिसराम और नौखे की   कहानी सुनाना ज़्यादा ज़रूरी है . _________________________________________                       तो गांव में लंगड़ , दीनू , मुन्ना , कल्लू , बिसराम - नौखे की बात की वज़नदारी को मान कर   " रामपुर की भटरिया " के   बीचौं बीच जहां प्रकृति ने ऐसी कटोरी नुमा आकृति बनाई है बाहरी अनजान   समझ नहीं पाता कि " वहां छुपा जा सकता है . जी हां उसी स्थान पर ये लोग पूजा - पाठ की गरज से अपेक्षित एकांतवासे में चले गए .. हवन सामग्री उठा