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बेटी बचाओ अभियान को व्यापक जन समर्थन : फ़ोटो एवम समाचार गैलरी

बेटी बचाओ अभियान को व्यापक जन समर्थन ~ मिसफिट Misfit  

बेटी बचाओ अभियान को व्यापक जन समर्थन

शहरी क्षेत्रों और पढ़े लिखे लोगों के बीच बेटियों का अनुपात कम होना चिन्ता का विषय है :                                                                                                 शिवराज सिंह मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दृढ़तापूर्वक कहा है कि कन्याओं तथा स्त्रियों के संरक्षण के लिये सभी संबंधित कानूनों का पूरी कड़ाई से पालन कर प्रदेश में उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान निश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ‘‘ बेटी बचाओं अभियान ’’ बेटियों के संरक्षक , संपोषण और सम्मान के लिये शुरु किया गया एक ऐसा सामाजिक महा अभियान है जिसमें सभी राजनैतिक दलों , संगठनों और संस्थाओं सहित समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी होने पर ही वांछित सफलता मिलेगी। यह कोई राजनैतिक कार्यक्रम नहीं , बल्कि सामाजिक मिशन है। श्री चौहान आज अपने निवास पर श्री नवदुर्गा महोत्सव के दौरान नवमीं के अवसर पर 1100 से अधिक कन्याओं की पूजा और उन्हें भोजन कराकर ‘‘ बेटी बचाओं अभियान ’’ का शुभारम्भ करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सैकड़ों की तदाद में कन्याएँ , उनके अभिभावक ,

खबरनवीसी कोई चुगल खोरी का धंधा नहीं मेरे दोस्त

भारतीय जनता पशु नहीं है निजता के मोल लेख में डॉ॰ मोनिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि महज़ टी आर पी के चक्कर में क्या कुछ जारी है. खास कर रियलिटी के नाम पर अंधाधुन्ध की जा रहीं कोशिशें उफ़्फ़ अब देखा नहीं जाता. उन्हैं जो खो रहे हैं पैसों के लिये अपना ज़मीर, अपना सोशल स्टेटस, यहां तक कि अपने वसन भी.  यही "उफ़्फ़"  उनके लिये भी जो कि अक्सर भूल जातें चौथे स्तंभ की गरिमा और प्रमुखता दे रहे होते हैं सनसनाती खबरों पर . जब अखबार या चैनल किसी के पीछे पड़तें हैं. रिश्ते भी रिसने लगते हैं. तनाव से भर जाता है  ज़िंदगियों में इसे क्या कहा जावे. मेरे पत्रकार  एक मित्र का अचानक मुंह से निकला शब्द यहां कोड करना चाहूंगा:-"खबरनवीसी  कोई चुगल खोरी का धंधा नहीं मेरे दोस्त" यह वाक्य उसने तब कहा था जब कि वह एक अन्य पत्रकार मित्र से किसी नेता के विरुद्ध भ्रांति फ़ैलाने के उद्येश्य से स्टोरी तैयार कर रहा था के संदर्भ में कहे थे. आज़कल समाचार,समाचारों  की शक्ल में कहे लिखे जातें हैं ऐसी स्थिति नहीं है. जिसे देखिये वही हिंसक ख़बरनवीसी में जुटा है. निजता का हनन चाहे जैसे भी हो, हो ही जाता है. चाह