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अरब इजरायली , विरोधाभाषी जीवन : डैनियल पाइप्स

क्या इजरायल की कुल जनसंख्या के 1\5 अरब यहूदी राज्य के प्रति स्वामिभक्त हो सकते हैं? मस्तिष्क में इसी प्रश्न के साथ हाल में मैंने इजरायल के अरब निवासियों वाले क्षेत्र( जफा, बका अल गराबिया, उम्म अल फहम , हायफा , एकर, नजारेथ, गोलन पहाडियाँ , जेरूसलम) का दौरा किया और साथ ही मुख्यधारा के अरब और यहूदी इजरायलियों के साथ वार्ता की। मुझे बहुत से अरब भाषी नागरिक मिले जो कि यहूदी राजनीति में जीवन व्यतीत करने को लेकर स्वयं में संघर्ष की स्थिति में हैं। एक ओर तो वे देश के विशेषाधिकार सम्पन्न धर्म के रूप में यहूदी धर्म का विरोध करते हैं , उस कानून का जो कि केवल यहूदियों को अपनी इच्छा के अनुसार आप्रवास का अधिकार वापस लौटने के कानून के अंतर्गत देता है, राज्य की मुख्य भाषा हिब्रू हो इसका विरोध करते हैं, ध्वज में डेविड के तारे को पसंद नहीं करते , राष्ट्रगान में " यहूदी आत्मा" उन्हें पसंद नहीं है। दूसरी ओर वे देश की आर्थिक सफलता की प्रशंसा करते हैं , स्वास्थ्य सुविधा के स्तर , कानून के शासन और चलायमान लोकतंत्रकी भी सराहना करते हैं। इस संघर्ष की अनेक अभिव्यक्तियाँ भी हैं। छोटी, अशिक

फिलीस्तीनियों के "वापसी के अधिकार" को समाप्त करना

डैनियल पाइप्स 1967 से 1993 के मध्य पश्चिमी तट या गाजा से कुछ सैकडों की संख्या में ही फिलीस्तीनियों ने इजरायली अरब लोगों से विवाह कर (जो कि इजरायल की कुल जनसंख्या का पाँचवा भाग हैं) और इजरायल की नागरिकता प्राप्त कर इजरायल में निवास करने के अधिकार को प्राप्त किया। इसके बाद ओस्लो समझौते ने कम चर्चित परिवार पुनर्मिलन प्रावधानों के द्वारा इस छोटी सी धारा को एक नदी में परिवर्तित कर दिया। 1994 से 2002 के मध्य फिलीस्तीन अथारिटी के 137,000 निवासी इजरायल में आ चुके हैं और उनमें से अनेक छल और बहुविवाह में संलिप्त हैं। इजरायल के समक्ष दो कारण हैं जिसके चलते उसे इस अनियंत्रित आप्रवास से चिंतित होना चाहिये। पहला, यह सुरक्षा के लिये खतरा उत्पन्न करता है। शिन बेट सुरक्षा सेवा के प्रमुख युवाल दिस्किन ने 2005 में ध्यान दिलाया था कि आतंक की गतिविधियों में लिप्त पाये गये 225 इजरायली अरब में से 25 जो कि 11 प्रतिशत है अवैध रूप से परिवार पुनर्मिलन प्रावधानों के तहत इजरायल में प्रविष्ट हुए थे। वे 19 इजरायलियों को मारने आये और 83 को घायल किया और उनमें से सबसे अधिक दुष्ट शादी तुबासी था जिसने कि 2002

दक्षिणी सूडान, इजरायल का नया मित्र

डैनियल पाइप्स द वाशिंगटन टाइम्स  हिन्दी अनुवाद - अमिताभ त्रिपाठी ऐसा प्रतिदिन नहीं होता कि जब एकदम नये देश का नेता अपनी पहली विदेश यात्रा विश्व के सबसे अधिक घिरे देश की राजधानी जेरूसलम के रूप में करे परंतु दक्षिणी सूडान के राष्ट्रपति सल्वा कीर ने अपने विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ दिसम्बर के अंत में यही किया। इजरायल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेज ने इस यात्रा को अत्यंत " आंदोनलकारी ऐतिहासिक क्षण" बताया। इस यात्रा से इस बात को बल मिला है कि दक्षिणी सूडान जेरूसलम में अपना दूतावास स्थापित करने वाला है और ऐसा करने वाली विश्व की वह पहली सरकार होगी। यह अस्वाभाविक घटनाक्रम एक अस्वाभाविक कथा का परिणाम है. आज के सूडान ने उन्नीसवीं शताब्दी में स्वरूप ग्रहण किया था जब ओटोमन साम्राज्य ने इसके उत्तरी क्षेत्र को नियन्त्रण में लिया और इसके दक्षिणी क्षेत्र को विजित करने का प्रयास किया। ब्रिटेन ने काहिरो से शासन करते हुए आधुनिक राज्य का खाका 1898 में तैयार किया और अगले पचास वर्षों तक उत्तरी मुस्लिम और ईसाई –प्रकृतिवादियों वाले दक्षिणी क्षेत्र पर अलग अलग शासन किया। 1