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जनवरी, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ऐसे मनाई नर्मदा जयंती : कोलावरी डी....झुमका गिरा रे...पे थिरकते बच्चे चीयर अप करते अभिभावक

तिलवारा पुल के नीचे : बच्चे रेवा के आंचल में लहरों के पल्लू उपहार ले आते हैं   नेमावर वाले बच्चे रेवा तट से पन्नी कचरा बीन बीन के जला देते हैं                                  कल मन काफ़ी उत्साहित था नार्मदेय ब्राह्मण जो हूं. डा.संध्या जैन "श्रुति" के नर्मदा-महाकाव्य के विमोचन समारोह में मैंने संचालन के दौरान  मैने गर्व से कहा था कि नार्मदेय ब्राह्मण हूं मुझे नर्मदा महाकाव्य के विमोचन का अवसर मिला अभिभूत हूं मुझ पर मां नर्मदा की विशेष कृपा हुई है.. और दूसरे ही दिन यानी 30 जनवरी 2012 की अल्ल सुबह    मां नर्मदा के तट पर आयोजित होने वाले समारोह में जाकर स्वजातीय बंधुऒं से मिलूंगा गया भी तिलवारा तक वहां जाकर पता चला कि आयोजन स्थल बदल गया है.  घर से निकलते वक़्त धर्म-पत्नि से घर पे आने वाली सूचनाऒं को बिना प्राप्त किये निकलने से नुक़सान ही होता है. पर एक लाभ हुआ कि नर्मदा-दर्शन हो गए. सामाजिक कारोबार में सरकारी लोग कुछ इसी तरह अज्ञानी   होते हैं..जैसा कि मैं.. !  बहरहाल लौटना था सो लौटा और कुछ देर पश्चात समाज द्वारा नर्मदा जयंति के अवसर पर हो  रहे धार्मिक आयोजन

डा. विजय तिवारी किसलय कृत नर्मदा स्तुति :नित नमन मां नर्मदे

डा० संध्या जैन “श्रुति” कृत नर्मदा-महाकाव्य का विमोचन

        श्रीमति संध्या जैन “श्रुति” कृत कृत नर्मदा-महाकाव्य का विमोचन पूर्व केंद्रीय मंत्री  प्रहलाद पटेल के मुख्य आतिथ्य में तथा पंडित श्रीयुत  शिव कुमार मिश्र (अपर महाप्रबंधक व्ही एफ़ जे. )  की अध्यक्षता में स्थानीय मानस भवन प्रेक्षागार में दिनांक 29 जनवरी 2012 को किया जावेगा. समारोह के विशिष्ठ अतिथि  महापौर  श्री प्रभात साहू श्री भागीरथ कुमरावत (भोपाल) श्री राजेश माहेश्वरी होंगे वक्ता के रूप में पं..श्री द्वारका नाथ शुक्ल शास्त्री. आचार्य भगवत दुबे .श्री के एल नेमा,आर. एन विश्वे आमंत्रित हैं.                  इस अवसर आयोजक संस्थाओं द्वारा डा० श्रुति की मातुश्री  श्रीमति कमला जैन, साहित्यकार श्री मणि मुकुल, एवम श्री अंशलाल पंद्रे जी को सम्मानित किया जावेगा.         राष्ट्र पति पुरस्कार प्राप्त लेखिका एवम कवयत्रि डा० श्रुति को “सव्यसाची” अलंकरण , एवम   श्री चंद्रकात जैन को भी सम्मानित किया जावेगा.

युवक का सिर काटा और लेकर पहुंच गई थाने

Deshbandhu जबलपुर !  जिला मुख्यालय से करीब 45 किलो मीटर दूर मझौली के एक गांव में एक महिला ने अपनी आबरू बचाने के लिए एक युवक की सिर को कुल्हाड़ी से काट धड़ से अलग कर दिया और सिर को बोरी में भरकर बहोरीबंद थाने पहुंचे गई। बोरी में मानव मुण्ड देख पुलिस कर्मी सकते में आ गए। बहोरीबंद पुलिस ने तत्काल महिला और सिर को लेकर मझौली थाने पहुंचे क्योंकि मामला मझौली थाना क्षेत्र का था। महिला का पति पहले से ही जेल में बंद है। उधर इस घटना के बाद से गांव में सनसनी व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मझौली के आमोदा गांव में श्रीराम सेन अपनी पत्नी बच्चों के साथ रहता था। कुछ दिन पहले श्रीराम सेन  चोरी के एक मामले में पकड़ा गया और पुलिस ने उसे दमोह जेल भेज दिया। पति के जेल जाने के बाद  राजकुमारी सेन 35 वर्ष गांव में ही मेहनत मजदूरी करके घर चलाने लगी। बताया गया है कि ग्राम अमोदा के करीब पीडब्लूडी का कोई निर्माण कार्य चल रहा है। राजकुमारी यहां मजदूरी कर रही थी। कुछ दिनों से गांव का ही रहने वाला श्यामलाल यादव 38 वर्ष राजकुमारी को परेशान कर रहा था। यह बात कई लोगों को पता थी। आज दोपहर 3 बजे श्यामलाल यादव ने

नर्मदा महाकाव्य की कृतिकार डाक्टर संध्या जैन "श्रुति" से वार्ता

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मामाजी के दिलो दिमाग पे छा गई झांकी : मामीजी की चेहरे पर उत्साह के भाव थे गणतंत्र दिवस समारोह में : बेटी-बचाओ अभियान केंद्रित झांकी अव्वल

श्री युत के सी जैन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को सम्मानित करते हुए मामाजी  जबलपुर मे महिला बाल विकास विभाग की झांकी प्रथम स्थान पर रही. झांकी की  परिकल्पना:-गिरीश बिल्लोरे,मनीष शर्मा मनीष सेठ, एवम जी.एस. लौवंशी ने की थी  निर्माण सहायक श्री धीरज शाह   जिले   में   शान - सम्मान   और   गरिमा   से   मनाया   गया   गणतंत्र   दिवस मुख्यमंत्री   श्री   शिवराज   सिंह   चौहान   ने   जबलपुर   में   फहराया   राष्ट्र   ध्वज सांस्कृतिक   कार्यक्रमों   को   मुख्यमंत्री   ने   सराहा मुख्यमंत्री   ने   छात्र - छात्राओं   के   साथ   फोटो   खिंचवाई आकर्षण   का   केन्द्र   रही   झाँकियां गौरवशाली  63 वां   गणतंत्र   दिवस   जबलपुर   जिले   में   उत्साह ,  उमंग ,  शान ,  सम्मान   और   गरिमा   के   साथ समारोहपूर्वक   मनाया   गया   ।    जिला   मुख्यालय   पर   यहां   पं .  रविशंकर   शुक्ल   स्टेडियम   मैदान   में   आयोजित मुख्य   समारोह   में   मुख्यमंत्री   शिवराज   सिंह   चौहान   ने   राष्ट्रीय   ध्वज   फहराया   और   संयुक्त   परेड   की   सलामी   ली ।   गणतंत्र   दिवस  

मैं तुम्हारा आखिरी खत जाने किसके हाथ आऊं

मैं तुम्हारा आखिरी खत जाने किसके हाथ आऊं पढ़ो बस इक बार मुझको नवल मैं संचार पाऊं !! वेदनाएं हर किसी की कोई अब पढ़ता नहीं ..  क्रोंच आहत देख कविता अब कवि गढ़ता नहीं.. सबको अपना अपना गाना है सुहाता .. गीत अब समभाव के है कौन गाता..!! चेतना प्रस्तर हुई .. वेदना नि:शब्द है युग भयातुर वक़्त भी अभिशप्त है !! चलो ऐसे में चिंतन करें चिंता छोड़ दें.. भयावह भावों के मुहाने मोड़ दें..!!             * गिरीश मुकुल

मधुर सुर न सुनाई दें जिस घर से वो घर कैसा न मांडी जाए रंगोली जिस दर पे वो दर कैसा ?

मधुर   सुर   न   सुनाई   दें जिस घर से वो घर कैसा   न   मांडी जाए रंगोली जिस दर पे वो दर कैसा  ? ******************** बिना  बेटी के घर लगते अमावस की घुप रातें   न   रु न   झु न   पायलें बजतीं   न   होती हैं मृदुल बातें न   दीवारों पे  रौ न क और  देहरी से चमक गायब- देखता जो भी सोचे ये घर तो है मगर कैसा .. ?                         मधुर   सुर   न   सुनाई   दें जिस घर से वो घर कैसा   ******************** वो बेटी ही तो होती है कुलों को जोड़ लेती है अगर अवसर मिले तो वो मुहा ने  मोड़ देती है युगों से    बेटियों को तुम परखते हो   न   जा ने  क्यूं.. ? ज न म ले ने  तो दो उसको ज न म-ले ने  से डर कैसा.. ?                             मधुर   सुर   न   सुनाई   दें जिस घर से वो घर कैसा ********************  पालने से पालकी तक की  चिंता छोड़ के आना वो बेटों से भी बेहतर है ये चिंत न   जोड़ ते लाना उसे तुमने  जो अब मारा धरा दरकेगी ये तय है- उसे ताक़त बना ओगे जमाने  से डर कैसा  ?                            मधुर   सुर   न   सुनाई   दें जिस घर से वो घर कैसा  

भट्ट साब को भट्टा सुलगाने के लिये जिस आग की ज़रूरत थी वो मिल ही गई.:गिरीश बिल्लोरे

एक पोर्न स्टार की आमद से तहलका मचाने वाली खबरों का आना माया नगरी के भट्ट साब को भट्टा सुलगाने के लिये जिस आग की ज़रूरत थी वो मिल ही गई. भट्ट कैम्प के  दर्शकों के लिये सुखद खबर थी उधर भट्टा जलाने  आस लगाए भट्ट जी की बाछैं खिल गईं. तब तक भट्ट कैम्प के पंजीकृत दर्शक ?.. भट्ट जी का भट्टा कब आग पकड़ेगा इस गुंताड़े में जिस्म-2 के पोस्टर को सामने रख मद्यपान कर उनके गुनगान कर रहे हैं. यानी भारत में इन महाशय के अलावा किसी की ताक़त नहीं कि वे "नैतिक-भ्रष्टाचार" कर सके . बिग बास के पांचवें सत्र में भी सन्नी को लाना बिग बास की "भीड़ जुटाओ : धन कमाओ" के अतिरिक्त और कुछ न था. यानी कुल मिलाकर किसी भी सूरत में नोट कमाएं. इस सब के चलते खबरची भाई लोग काहे पीछे रहते. करीना से लेकर पता नहीं कौन कौन सी खबरें छापते रहे.यानी कुल मिला कर देश में इस प्रकार नैतिक भ्रष्टाचार की मुखालफ़त करने के लिये एक और अन्ना जी की ज़रूरत है जो इस तरह की संस्कार हीन परिस्थितियों को रोकने की कोशिश करे.    वैसे सबको विश्वास  है कि अपना सेंसर बोर्ड पर जो जिस्म-2 कैंची नहीं चलाएगा महेश भाई के रसूख

क़रीब दिल के क़िताब रखना !

टेक्स्ट                   क़रीब दिल के क़िताब रखना !                   छिपा के उसमें गुलाब रखना !                    नज़र में पहली ये प्यार कैसा -                    नज़र-नज़र का हिसाब रखना !                    लबों से बिखरे हंसी अचानक -                    तो लब पे हाज़िर ज़वाब रखना !                    हां कह दो जाके सितमग़रों से                    है रब को आता हिसाब रखना !                    हां इक कमीं है मुकुल में यारो-                    नहीं सुहाता हिसाब रखना !!                            * गिरीश बिल्लोरे "मुकुल”