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जुलाई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत के राष्ट्रवाद को हिन्दू राष्ट्रवाद कहना चीन की सबसे बड़ी अन्यायपूर्ण अभिव्यक्ति

पाकिस्तान के कितने टुकड़े   होंगे.. . ? और    " सनातन सामाजिक व्यवस्था" क्या है ... ?   आलेखों से आगे ..... भारतीय राज्य व्यवस्था के स्वरुप की एक और झलक   इस आलेख में देखिये    भारत की धर्म निरपेक्षता एवं सहिष्णुता आज की नहीं है बल्कि अति-प्राचीन है . भारतीय  सनातनी व्यवस्था के चलते किसी की वैयक्तिक आस्था पर चोट नहीं करता यह सार्वभौमिक पुष्टिकृत तथ्य है इसे सभी जानते हैं . जबकि विश्व के कई राष्ट्र सत्ता के साथ आस्था के विषय पर भी कुठाराघात करने में नहीं चूकते. कुछ दिनों से विश्व को भारत के नेतृत्व में कुछ नवीनता नज़र आ रही है ... श्रीमती सुषमा स्वराज ने अपनी एक अभिव्यक्ति में कहा कि- संस्कृत में   " वसुधैव कुटम्बकम"   की अवधारणा है. उनका  यह उद्धरण इस बात की पुष्टि है कि भारत की  सनातनी व्यवस्था में वृहद परिवार की परिकल्पना बहुत पहले की जा चुकी.  भारतीय सम्राट न तो  धार्मिक आस्थाओं पर कुठाराघात करने के   उद्देश्य  के साथ राज्य के विस्तारक हुए न ही उनने सेवा    के बहाने धार्मिक विचारों  को  छल पूर्वक विस्तारित किया  .   जबकि न केवल इस्लाम बल्कि अन्य

Shikha Patel

Shikha Patel is a craft student of balbhavan Jabalpur, One day she showed me her craftwork wich was  made by  unusefull material        i   called to Art-Teacher and give   congratulations to her .    After long conversation about shikha and her art-work .   i instruct to shikha's Art-teacher  Renu Pandey  for more  improvement and efficiency in shikha's  work as well special attention for shikha . Shikha now selected for state label BalShri Camp .         Shikha's mother is house wife but part time sale's-girl her father working as motor Mechanic .The family of Shika is in the low-middle-income group. Those who live in two room houses with less comfort than four children. Please watch & like MyChannel    

"सनातन सामाजिक व्यवस्था" क्या है ...?

अखंड भारत कल्पित नहीं   सनातन सामाजिक व्यवस्था ने इसे 5000 से अधिक अवधि तक सम्हाला था  पाकिस्तान के   कितने   टुकड़े  होंगे    ?   कल के इस आलेख में यह समझाने का प्रयत्न किया था कि   " सनातन सामाजिक व्यवस्था " क्या है ... ? आइये उसी से आगे बात को लिए चलतें हैं....   क्या यह एक सम्प्रदाय है ... उत्तर स्वाभाविक रूप से न ही है .. क्योंकि धर्म के अनुयाई सहमति असहमति के आधार पर अपने सुझाए मार्ग पर चलने व्यवस्था बनाते हैं.. यह कार्य समूह का शिखर व्यक्तित्व करता है जिसे गुरू संबोधित किया जा सकता है किन्तु मेरा आध्यात्मिक चिन्तन  इनको प्रवर्तक मानता है .  हो सकता है आप असहमत हों . पर यही सत्य है.   धर्म क्या है ... इस पर बेहद विशद मंथन किया जा चुका है होता भी रहेगा इससे कोई ख़ास अर्थ निकलने वाला नहीं . जैसे कि गाड अर्थात ईश्वर को कोई न तो प्रूफ कर पाया है न ही ही किसी ने उसके अस्तित्व को बहुसंख्यक वैश्विक आबादी ने स्वीकार्य ही किया है. विश्व का हर प्राणी ईश्वर को मात्र  अनुभूत करता है . धर्म उसी ईश्वर तक पहुँचने का रास्ता है . जो अन्य प्राणियों के प्रति सात्विकता पू

पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे...?

गिलगित - बालित्स्तान की सांस्कृतिक समारोह की तस्वीर   पाकिस्तान के  कितने  टुकड़े  होंगे ये तो आने वाला समय बताएगा किन्तु ये तयशुदा है जम्हूरियत पसंदगी आज के दौर की सबसे बड़ी ज़रूरत है और आम नागरिक को प्रजातंत्र के लिए अधिक आकर्षण समूचे विश्व के चप्पे चप्पे में पसंद आ रहा है. और यही भावना आने वाले दौर को और अधिक सशक्त बनाएगी. इसी जम्हूरियत पसंदगी के चलते वे सारे राष्ट्र जहां जम्हूरियत का नामोंनिशान नहीं है उन देशों के राष्ट्र प्रमुखों को खासतौर पर सोचना ज़रूरी है जो धर्माधारित राष्ट्र के प्रमुख हैं अथवा किसी धार्मिक राष्ट्र की संस्थापना के चिन्तन में हैं.वे सभी भी जो सभी धर्मों को उपेक्षा भाव से देखते हुए केवल ख़ास विचारधारा को जनता पर लादते हैं. अर्थात प्रजातंत्र जहां धर्म संस्कृतियों को सहज स्वीकारने और अपने तरीके से जीने का अधिकार जो राज्य देता है जनता उस राज्य की नागरिकता अधिक पसंद करेंगे . और विश्व में भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली के अधिकाँश अध्याय जुड़ेंगे . लोग उसे सहर्ष स्वीकारेंगे . भारत में हिंदुत्व नामक कोई अवधारणा या विचारधारा नहीं है बल्कि सनातन सामाजिक व्यवस्था है. जो इतन

Spin-Orbitonics : Dr. Pramey Upadhyay

A proud feeling one hour talk on" Spin-Orbitonics " ( an emerging & frontier technology of electronics and computer ) delivered by Dr Pramey Upadhyaya at Purdue University, Lafayette, Indiana, USA, on 6 July  2017 .                          Jabalpur based Dr. Pramey Upadhyay was a student of Christ Church higher secondary school and his father Dr. S.D Upadhyay is a professor in JNKVV jabalpur and his mother is also highly educated woman . Education University of California Los Angeles Los Angeles PhD, Department Electrical Engineering 2011-2015 Thesis: Spin-orbitronics: Electrical control of magnets via spin-orbit interaction University of California Los Angeles Los Angeles Master of Science, Department Electrical Engineering 2009–2011 Indian Institute of Technology Kharagpur Bachelor of Technology, Department Electrical Engineering 2005–2009 Research Interests Topological phenomenon: topological phases, skyrmion and domain wall dynamics { Spin superfl

राहत इंदौरी साहब को समर्पित रचना : अब तो हर खून को बेशक परखना होगा

#हिन्दी_ब्लागिंग  राहत साहेब अपनी अबसे अच्छी रचना मानकर गोया हर मंच पर सुना रहें हैं . बेशक कलम के तो क्या कहूं उनकी प्रस्तुति के अंदाज़ पर बहुतेरे फ़िदा हैं.. राहत साहेब की ग़ज़ल के मुक़ाबिल आज मैंने एक सकारात्मक कोशिश की थी मुझे लगा कि मैं कामयाब हूँ सो आप सबको दे रहा हूँ.. इस मंशा से कि कभी भी कोई भारतीय कवि शायर किसी से इतना व्यक्तिगत दूर न हो जाए कि उसकी झलक उसकी शायरी में दिखाई दे ... सुधि जन हम इंसानियत के लिए लिखतें हैं .. हम वतन परस्त हैं हमारी कलम से किसी के लिए इतनी घृणा न हो कि वो लोगों को तकसीम करने की वजह बने . हम किसी सियासी वजूद से दूर क्षितिज से   हौले हौले    उभरता हुआ डूबा हुआ आफताब उगाते हैं जो तेज़ी से मुक्कदस ज़मीन को अपनी सोनाली-रश्मियों से ढँक लेता है. यही है कलम की ताकत ... इन दौनों  ग़ज़ल में फर्क देखिये और जो कहेंगे ईश्वरीय प्रसाद मान कर ग्रहण करूंगा ........ तो सबसे पहले    राहत_इन्दौरी साहेब की ग़ज़ल       अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान

ताऊ के हांके से ब्लॉगर जागे

गुरू ताऊ रामपुरिया  उर्फ़ ताऊ हरियाणवी उर्फ़ होलसेल ब्लॉग प्रमोटर उर्फ़  हरियाणवी ठिलुआ संघ के मुक्कदम्म उर्फ़ ब्लॉग-पटवारी के ऐलान पर ब्लागर्स जागे परन्तु ललित शर्मा पानी की टंकी पे ऐसे जमे कि एक लाइन भी न लिक्खे ... कुछ लिंक जे रहे आप टिपिया दो  शेष शुभ  # हिन्दी _ ब्लॉगिंग आपका शुभाकांक्षी गिरीश बिल्लोरे मुकुल मेरी रूहानी यात्रा ... ब्लॉग से फेसबुक शैलजा पाठक ब्लॉग बुलेटिन प र रश्मि प्रभा...  - 4 घंटे पहले रूहानी यात्रा जगह जगह विश्राम लेती रही , उसीमें अचानक एक दोराहा दिखा कई ब्लॉग सूने , कई चलायमान लेकिन लिंक दोराहे पर ... राह बदलने की कितनी आलोचना करें ! अब है , तो है और दोराहा यानी फेसबुक सुबह से रात तक चलता है , नशा कहो या रास्ता सब यहाँ मिल जाते हैं , जो ब्लॉग पर हैं वे भी , जो यहीं हैं वे भी - मित्रता करो , और पढ़ते जाओ कुछ नगीने यहाँ से उठाती हूँ , क्या पता आप मित्र न हों , तो मित्र हो जाएँ *शैलजा पाठक * ----------------- *तुम जादूगरनी थी क्या* एक छोटे बच्चे की हथेली में तेल से अम्मा एक गोल बनाती कहती इ लो लड्डू भैया दूसरी हथेली बढ़ा देता अब दूसरी में पेडा भैया