''महफ़ूज़ अली की कविता ''
fire is still alive
But what of the fire ?
Its wood has been scattered.,
But the embers still dance .
Though the fire is tiny
It survived.
Though the fire is weak
It's still alive
शिक्षा-विद श्रीमति विमला मेबेन के विद्द्यार्थी आज़ विश्व के कई कोने में शहर-देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं जी हां जाय-सीनियर सेकेन्ड्री स्कूल की स्थापना करने वाले उनके दो बेटों क्रमश: प्रवीण एवम अखिलेश मेबेन आज़ रोमांचित थे उन्हौनें शायद ही सोचा होगा कि उनकी संघर्ष शील मां जो एक छोटे से कमरे से कुछ बच्चों को शिक्षित कर रहीं मां क्या चमत्कार करने जा रही हैं... या आने वाले बीस-तीस बरस की संरचना कैसी होगी उनके लिये ........ सीमित साधनों में असीमित कोशिश कर श्रीमति विमला मेबेन ने सीमित साधनो में असीमित कोशिशें कर जिस अदभुत शिक्षा प्रणाली को गढा उसकी लकीर पर चलते-चलाते जाय सीनियर सेकण्डरी स्कूल आज खास स्कूल बन चुका है..... उनको सम्मान के लिये चयनित कर ज्यूरी ने कोई गलती नहीं की ........आयु की अधिकता वश अस्वस्थ्य श्रीमति विमला जी .की ओर से सम्मान ग्रहण किया उनकी पुत्रवधु ने ...सच वे शिक्षा के क्षेत्र की "नायिका " हैं ओर सदैव रहेंगी . . ![]() |
| अलका सरवत मिश्रा |
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| सरवत ज़माल साहब |