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रविवार, मार्च 07, 2010
शनिवार, मार्च 06, 2010
जबलपुर से लन्दन व्हाया दिल्ली एंड लखनउ !!''भाग-01 /भाग-02
मुझे ये मालूम था की जी टाक पर एक बार में सिर्फ एक साथी से बात हो सकी शायद आप भी ये जानते ही हैं किन्तु आज रश्मि रविज़ा जी का इन्तजार था . किन्तु उन्हैं अपने ब्लॉग मन का पाखी जिसका लिंक ये http://mankapakhi.blogspot.com है पर आय एम् स्टील वेटिंग फॉर यु शचि लिंक http://mankapakhi.blogspot.com/2010/03/1.html शीर्षक से लघु उपन्यास डालनी थी सो सवाल ही नहीं उठाता. ..... इस बीच एक ग़ुमशुदा मित्र महफूज़ भाई हरे दिखाई दिए उनको काल किया दुनिया ज़हान की बातें चल ही रहीं थीं कि जीटाक से आने वाली काल अविनाश वाचस्पति जी की थी . और फिर हम तीनों बातों में जुट गए . उधर महफूज़ भाई की बात शिखा जी से चल रही थी इस बात का खुलासा रिकार्डिंग के बाद महफूज़ भाई ने किया वे बात चीत में महफूज़ भाई के ज़रिये शामिल थीं आइये उनकी भेजी कविता को देखें
लरजती सी टहनी पर
झूल रही है एक कली
सिमटी ,शरमाई सी
टिक जाती है
हर एक की नज़र
हाथ बढा देते हैं
सब उसको पाने को
पर वो नहीं खिलती
इंतज़ार करती है
बहार के आने का
कि जब बहार आए
तो कसमसा कर
खिल उठेगी वो
आती है बहार भी
खिलती है वो कली भी
पर इस हद्द तक कि
एक एक पंखुरी झड कर
गिर जाती है भू पर
जुदा हो कर
अपनी शाख से
मिल जाती है मिटटी में.
यही तो नसीब है
एक कली का
अब सुनिए पाड कास्ट भाग-01 भाग02
लरजती सी टहनी पर
झूल रही है एक कली
सिमटी ,शरमाई सी
टिक जाती है
हर एक की नज़र
हाथ बढा देते हैं
सब उसको पाने को
पर वो नहीं खिलती
इंतज़ार करती है
बहार के आने का
कि जब बहार आए
तो कसमसा कर
खिल उठेगी वो
आती है बहार भी
खिलती है वो कली भी
पर इस हद्द तक कि
एक एक पंखुरी झड कर
गिर जाती है भू पर
जुदा हो कर
अपनी शाख से
मिल जाती है मिटटी में.
यही तो नसीब है
एक कली का
अब सुनिए पाड कास्ट भाग-01 भाग02
गुरुवार, मार्च 04, 2010
ब्लॉग की लेखिका शैफाली पांडे से बातचीत
कुमायूं का सौन्दर्य और जीवन की विवषताएं
मास्टरनी नामाऔर कुमायूनी चेली ब्लॉग की लेखिका शैफाली पांडे से हुई बातचीत के दौरान उन्हौने बताया कि ये मैं क्यों बताऊँ आप स्वयं सुन लीजिये कुमाऊं की बेटी के बारे में इतना ज़रूर कहूँगा कि वे पाजिटिव ऊर्जा से भरी हुईं हैं _______________________________________________
_______________________________________________
कुमाउनी गीत का इंतज़ार कुछ देर के लिए कीजिये
बुधवार, मार्च 03, 2010
''पाबला जी से खुली बातचीत !''
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साथियो आपका हार्दिक अभिवादन, होली के पूर्व श्री बी एस
पाबला से खुल कर चर्चा हुई . किन्तु नेट एवं अन्य विवषताओं
के चलते पाडकास्ट पोस्ट न कर सका. सादर प्रस्तुत है.
आपसे पाडकास्ट इंटरव्यू की कमियों की ओर इंगित कर
मुझे मार्गदर्शन दीजिये
भवदीय मुकुल
______________________________________________
बवाल मिथलेश और अनीता कुमार जी एक साथ
यह एपिसोड होली के दिन रिकॉर्ड किया है जिसे हू ब हू पेश कर रहा
याद आप यहाँ न सुन पाए तो ''इधर'' चटका लगाइए जी
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प्रतीक्षा कीजिए शीघ्र ही होगी पाबला जी से धमाकेदार मुलाक़ात
हिन्दी ब्लागिंग में जारी झंझावातों पर खुल के बोले पाबला जी
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मंगलवार, मार्च 02, 2010
सिद्धार्थ जोशी जी से मजाहिया भेटवार्ता
सिद्धार्थ जोशी जी से मजाहिया भेटवार्ता को कविता जी से हुई वार्ता के साथ लिंक्ड कर दिया था किन्तु शायद मित्र उनको नहीं सुन पाए आज इस वार्ता को पुन: प्रस्तुत कर रहा हूँ............
सोमवार, मार्च 01, 2010
कविता वाचक्नवी जी और सिद्धार्थ जोशी से बात चीत
कविता वाचक्नवी जी से बात चीत सादर प्रस्तुत है ..... ............सिद्धार्थ जोशी जी को सुनने के लिए ''यहाँ'' क्लिक कीजिये
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