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"फ़ेसबुक पर महाशिवरात्रि की धूम से नंदी भाव-विभोर !!"

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  परम आदरणीय महान भारतीयो                       " हैप्पी महाशिवरात्रि "     आज़ फ़ेसबुक पर आप सभी ने जिस तरह महाशिवरात्रि की धूम से मैं शिववाहन नंदी हार्दिक रूप से अभिभूत हुआ हूं.   प्रभू को फेसबुक पर देख अभिभूत हूँ   आज मैने गणेश जी के एंड्रायड पर प्रभू को पृथ्वी लोक की लीला का अवलोकन कराया . प्रभू एवम मां पार्वती भी अतिशय प्रसन्न हैं.   हे भारतीयों इनका नाम ही भोले भंडारी है.. यथा नाम तथा गुण वाले प्रभू ने माता पार्वती से कहा -"हे देवी एक ओर जहां पृथ्वी लोक से चुनावी अटपट-चटपट-गटपट संवाद सुनाई दे रहें हैं कहीं कुंठित अनुगुंठित , अवगुंठित गठबंधनो का समाचार दिखाई सुनाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर भारतीय जन इस पर्व को बड़े उत्साह से मना रहे हैं एक दूसरे को   Wish U Very Happy Mahashivratri……. कह रहे हैं...!!"             देवी पार्वती ने जब व्यग्र होकर पूछा- प्रभू , इन दिनों शिवाष्टक , पुष्पदंत विरचित  शिवमहिम्न्स्त्रोत , शिवलीलामृत , रावण विरचित शिवतांडव   की ध्वनीयां सुनाईं नहीं दे रहीं..     इस पर प्रभू मुस्कुराए और उनने कहा- देवी, धरा पर ध्वनि आधिक्य के क

गांव के गांव बूचड़ खाने से लगने लगे अब सियासी-परिंदे गांवों पे मंडराने लगे हैं.

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आभार इनका जी  http://www.blendwithspices.com/2010_08_01_archive.html रजाई ओढ़ तो ली मैनें मगर वो नींद न पाई , जो पल्लेदारों को  बारदानों में आती है.! वो रोटी कलरात जो मैने छोडी थी थाली में मजूरे को वही रोटी सपनों में लुभाती है. *********** फ़रिश्ते   आज कल घर मेरे आने लगे हैं मुझे बेवज़ह कुछ रास्ते बतलाने लगे हैं मुझे मालूम है तरीके़ अबके फ़रिश्तों की फ़रिश्ते घूस लेकर काम करवाने  लगे हैं. *********** तरक़्क़ी की लिस्टें महक़में से हो गईं जारी तभी तो लल्लू-पंजू इतराने लगे हैं....!! खुदा जाने नौटंकी बाज़ इतने क्यों हुए हैं वो जिनको लूटा उसी को भीख दिलवाने चले हैं. *********** जिन गमछों से आंसू पौंछते हमारे बड़े-बूढ़े- वो गमछे अब गरीबों को डरवाने लगे हैं. गांव के गांव बूचड़ खाने से लगने लगे अब सियासी-परिंदे गांवों पे मंडराने लगे हैं. ***********

टी.वी. चैनल्स के लिये चुनौती है न्यू-मीडिया ?

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  साभार : learningtimes                 के. एम. अग्रवाल कला ,  वाणिज्य   एवं   विज्ञान महाविद्यालय ,  कल्याण(प) के हिंदी विभाग   द्वारा   विश्वविद्यालय अनुदान  आयोग   के सहयोग से  9-10  दिसबर  2011  को   दो   दिवसीयराष्ट्रीय   संगोष्ठी का आयोजन किया   जाना था जो केंद्रित थी " हिन्दी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनायें " विषय पर    डॉ.मनीष कुमार मिश्रा   का स्नेहिल आमंत्रण सम्पूर्ण व्यवस्था ,  श्रीमति अनिता कुमार जी   के आचार्य कालेज मुम्बई में मेरा वक्तव्य सुनिश्चित किया था कई सारे प्रोग्राम तो फ़ोन पे तय हो गये थे कुछ तय हो जाते वहां जाकर  सब कुछ सटीक समयानुकूलित था कि अचानक  7.12.2011 की रात मुझ पर  अस्थमेटिक हमला हुआ सपत्नीक कल्याण और फ़िर मुम्बई जाना अब किसी सूरत में संभव न था. जबलपुर से नागपुर फ़िर वहां से फ़्लाईट पकड़नी थी .जात्रा के लिये  सजा सजाया साजो सामान और तेज़ बुखार खांसी एक विपरीत परिस्थिति डाक्टर ने भी बिस्तर से न हिलने की सलाह दी थी.   श्रीमति अनिता कुमार जी   तो शायद आज़ तक नाराज़ है.   नाराज़गी ज़ायज़ है भई .. होनी भी चाहिये .. . आचार्य कालेज मुम्बई   क

क्या ये चुनौती है न्यू-मीडिया ? (भाग-01)

                                                   के. एम. अग्रवाल कला ,  वाणिज्य   एवं   विज्ञान महाविद्यालय ,  कल्याण(प) के हिंदी विभाग   द्वारा   विश्वविद्यालय अनुदान  आयोग   के सहयोग से   9-10   दिसबर   2011   को   दो   दिवसीयराष्ट्रीय   संगोष्ठी का आयोजन किया   जाना था जो केंद्रित थी " हिन्दी ब्लागिंग : स्वरूप, व्याप्ति और संभावनायें " विषय पर    डॉ.मनीष कुमार मिश्रा  का स्नेहिल आमंत्रण सम्पूर्ण व्यवस्था, श्रीमति अनिता कुमार जी ने भी अपने कालेज में मेरा वक्त्य सुनिश्चित किया था यहां तक कि रवी भैया आभास-श्रेयश , काकाजी श्रीयुत रमेश नारायण बिल्लोरे जी ने बहुत सारी व्यवस्थाएं तय कीं थीं .. कई सारे प्रोग्राम तो फ़ोन पे तय हो गये थे कुछ तय हो जाते वहां जाकर  सब कुछ सटीक समयानुकूतित था कि   7.12.2011 की रात मुझ पर  अस्थमेटिक हमला हुआ सपत्नीक कल्याण और फ़िर मुम्बई जाना अब किसी सूरत में संभव न था. जबलपुर से नागपुर फ़िर वहां से फ़्लाईट पकड़नी थी .जात्रा के लिये  सजा सजाया साजो सामान और तेज़ बुखार खांसी एक विपरीत परिस्थिति डाक्टर ने भी बिस्तर से न हिलने की सलाह दी थी.  श्रीमति अनि

गलती किसी की भी हो कटते तो मुर्गे ही हैं.

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                 मुर्गों का आतंक देख मुर्गियां खुद विलापरत थीं.दौनों मुर्गे ज़मीन से आकाश वाली लड़ाई लड़ते देख लगा गोया   wwwF   की फ़ाईट चल रही हो एक खली तो दूसरा जान सीना नज़र आ रहा था. पूरे गांव भर के तमाशबीन झोप लगाके झगड़ा देख तालियां पीट रहे थे ... जब इस तरह के हादसे हुआ करते हैं तो गांव दो हिस्से में बंट जाता है . एक ग्रुप काले खां की तरफ़ दूसरा लालचंद की तरफ़ दौनों की गुंडा गर्दी से हलाकान मुर्गियों ने लालचंद की मालकन  शकुन  को उकसाया कि - बाईसा , लालचंद को चंडी मेले में दान कर दो .. बाईसा ने अनसुनी कर दी और धुत-धुत कर भगा दिया. कालेखां के मालिक ने भी उनका  यही हाल किया.     अब मुर्गियां चुग्गा कम चुनतीं दौनों को हटाने पर विशेष चर्चा करतीं . लालचंद की मालकिन को नौकरी की तलब हुई सो राजा के हाकिम के पास पहुंची . हाक़िम ने उससे एक मुर्गे और पांच अशर्फ़ीयों की मांग कर डाली . मामला सेट हुआ.  मुर्गे और पांच अशर्फ़ी लेने के बाद हाक़िम यूं भूला जैसे आम तौर पर एक पति अपनी सगाई और शादी की तारीख भूल जाते हैं.                जब मरे हुए लालचंद की आत्मा ने दुहाई दी तू ने अकारण कटवाया अगर तू राजनौक

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय !!

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                साभार :  Poetic Remnants  से    हे देवर्षि "आप" इन दिनों भूमंडल के चक्कर काहे नहीं लगाते हो ?            इंद्र की बात सुन नारद जी को अपना एडवांस टूर प्रोग्राम की सुध आई सो  हडबड़ा के उठे और वीणा करताल आदि गैजेट्स शरीर के साथ चस्पा कर बिना कुछ बोले चल पड़े ।      सुदूर आकाश में नारायण नारायण की अनुगूंज बिखर रही थी क्षीरसागर नाथ ने लक्ष्मी से कहा - देवी आज गोया नारद को ए टी पी की एप्रूवड कापी मिल गई । पर एक बात समझ नहीं पा रहा हूँ कि स्वर्ग में कम्यूनिकेशन सिस्टम इतना कमजोर क्यों है ? लक्ष्मी जी बोलीं- प्रभू नारद जी को इसी काम के लिए बोला था पर वो हैं कि अल्लसुबह से ही फेसबुक पर इत्ते बिजी हो जाते हैं कि कुछ पूछिए मत । फिर दिन भर ट्वीटते हैं ।   अरे स्वर्ग में आपकी आज्ञा से एक मात्र ब्राडबैंड लगा है उससे भी पूरा किधर होता है । सारे देवता खासकर अप्सराएं आज़कल लाइफ़ स्टाइल फैशन साइट्स पर सर्फिंग करतीं नज़र आतीं हैं ।       और देवता ......?                                उनकी न पूछिये वो तो खैर जाने दीजिए नारद जी ने कहा था कि -"प्रभू, आपसे ट्विटर

योगी श्री अनन्तबोध चैतन्य

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गुरुदेव  ब्रह्मलीन स्वामी श्री विश्वदेवानन्द पुरी जी के सानिध्य में स्वामी  अनन्तबोध चैतन्य श्री अनन्तबोध चैतन्य का जन्म इतिहास प्रसिद्ध हरियाणा के पानीपत जिले के अधमी नामक गांव में हुआ । बचपन मे उनका नाम सतीश रखा गया। सतीश की बुद्धि बहुत ही तीव्र रही । घर का वातावरण धार्मिक होने के कारण इनको अनेक दंडी स्वामी और नाथ पंथ के महात्माओ का सानिध्य अनायास ही मिला। विभिन्न गुरुकुलों मे शिक्षा होने के कारण 18 वर्ष की छोटी उम्र मे ही इन्हें व्याकरण के प्रसिद्ध ग्रंथ अष्टाध्यायी आदि के साथ-साथ न्याय वेदान्त के अनेक  ग्रंथ जैसे तर्कसंग्रह , वेदांतसार आदि  तथा वेदों के भी कुछ अंश कंठस्थ हो गए । उपनिषदों का  भी इन्हे अच्छा बोध हो गया । इनके पिता पंडितश्रीमौजीराम की सत्संग प्रियता एवं सौम्य प्रकृति के फलस्वरूप भगवतसत्ता के प्रति ललक एवं आत्म जिज्ञासा ने इन्हे अध्यात्म की राह मे लगा दिया। अनन्तबोध चैतन्य बाल्यकाल से ही शक्ति के उपासक रहे। शिक्षा प्रारम्भिक शिक्षा के बाद अनेक गुरुकुलों एवं विद्यालयो में अद्ध्यन करते हुए इन्होंने कतिपय आचार्यों से शिक्षा प्राप्त की। इन्होने कुरुक्षेत्र विश्व

रोज़ एक जन्म लेता हूँ

हर रोज़ जन्मता हूँ ज़रूरी है रोज़ जन्मना फिर हौले हौले बड़े  होने का एहसास करना । कभी लगता है एक बार फिर बचपन आ गया रोज़िन्ना भयभीत हो जाता हूँ जब ये आभास होता है कि मै केवल एहसास कर सकता हूँ

गाँव में घर-घर तक पानी पहुँचाया जायेगा : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान डिण्डोरी

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गाँव को समूह में जोड़कर पाइप लाइन से घर-घर में पानी पहुँचाया जायेगा। साथ ही खेतों तक सड़कों का निर्माण करने का काम भी शुरू हो गया है। श्री चौहान आज डिण्डोरी में  ' आओ बनायें अपना मध्यप्रदेश '  सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने  30  हजार  491  हितग्राही को विभिन्न योजना में  91  करोड़  28  लाख रुपये के चेक वितरित किये। उन्होंने लगभग  27  करोड़ रुपये के लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। साथ ही  51  करोड़ के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी। शिलान्यास मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतरेगी। समाज के हर वर्ग के सहयोग से प्रदेश को और समृद्ध तथा उन्नत बनाया जायेगा। उन्होंने इसके लिये सभी लोगों से सरकार के प्रयासों में भागीदार बनाने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आदिवासी अंचलों के चौतरफा विकास पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में डिण्डोरी जिले में सिंचाई की सुविधाओं के साथ-साथ खेती और उद्योग को बढ़ावा दिया जायेगा। जिले में खाद्य प्र-संस्करण