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January, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जब जबलपुर के स्टेडियम में रेल चली

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय तथा सहकारिता मंत्री श्री गोपाल
भार्गव ने 26 जनवरी 2015 को जबलपुर  जिला मुख्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में  ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर कमिश्नर श्री दीपक खाण्डेकर एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री डी. श्रीनिवास राव भी मौजूद थे। ध्वजारोहण के बाद समारोह के मुख्य अतिथि श्री भार्गव ने कलेक्टर श्री एस.एन. रूपला एवं पुलिस अधीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्र के साथ खुली सफेद जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया। इसके उपरांत श्री भार्गव ने
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के गणतंत्र दिवस संदेश का वाचन किया। सुरक्षा
बलों ने हर्ष फायर किए और राष्ट्रपति की जयकार की। तदुपरांत सुरक्षा बलों की
टुकड़ियों ने लयबद्ध कदम-ताल करते हुए शानदार मार्च पास्ट किया। मार्च पास्ट का
नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खत्री ने किया। मार्च पास्ट में29वीं
वाहिनी आईटीबीपी, 6वीं
वाहिनी विशेष सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल पुरूष, जिला पुलिस बल महिला,रेल पुलिस बल, एनसीसी तथा स्काउट एवं शौर्या-दल (प्रथम बार) शामिल थे। मार्च
पास्ट के बाद मुख्य अति…

संतलाल पाठक एवं रोहित गुप्ता बालश्री सम्मान से अलंकृत होंगे

संभागीय बाल भवन जबलपुर के प्रतिभाशाली कलाकारों क्रमश:  मास्टर संतलाल पाठक वर्ष 2011 में प्रदर्शनकारी कला एवं मास्टर रोहित गुप्ता को चित्रकला के लिए वर्ष 2012 के लिए    राष्ट्रीय बालश्री अलंकरण के लिए चयनित किया है . इन बाल प्रतिभाओं को विज्ञान भवन नई दिल्ली में 29 जनवरी 2014 को  आयोजित एक  भव्य समारोह में श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा बालश्री अलंकरण से अलंकृत किया जावेगा । इसके पूर्व वर्ष 2010 को संभागीय बाल भवन जबलपुर को पहली बार गौरव  प्रतिभाशाली बालिका कु. खुशी पाल बालश्री अलंकरण प्राप्त कर दिलाया था.           10 जून 1996 को सतना जिले के  सामान्य कृषक श्री सत्यनारायण पाठक एवं श्रीमती आशा पाठक के घर जन्मे मास्टर संतलाल पाठक जन्म से ही नेत्रज्योति विहीन हैं । मास्टर संतलाल ने अंध मूक विद्यालय जबलपुर में अध्ययन के साथ साथ बाल भवन में सुश्री शिप्रा सुल्लेरे  से  संगीत की शिक्षा ग्रहण की है, वर्तमान में वे बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं  । इतना ही नहीं वे विशेष बच्चों के लिए एक मोटीवेटर के रूप में जाने जाते हैं । सीमित साधनों में दृढ इच्छा शक्ति एवं आत्मिक साहस के कारण संतलाल ने बाल श्र…

रेलवे क्रासिंग वाला किशोर और बाइक वाला

साहेब ये  घोड़ा है … इसकी पीठ पर सवार बादशाह की रौबीली मूंछ सुनहरी रकाब , ये देखिये घोड़े की  झबरीली पूंछ   दस रुपये में ..... आपको घोडा तो क्या  बादशाह भी नहीं मिलेगा .... खरीद लीजिये न ..... आपके दस रुपये बहुत काम आएंगे ....... आपकी बेटे  के चेहरे पर हंसी, बेटी  के मुखड़े पर मुस्कान लाएँगे ..... सा’ब दे दूँ..... दो ले लीजिये बीस रुपए बेकार नहीं जाएंगे ... बोलो साब बोलो ..... जल्दी बोलो ..... गाड़ी आने वाली है गेट खुल जाएगा । आपका घोडा यहीं रह जाएगा ...           अनचाहे विक्रेता से खीज कर आलीशान कार के काँच ऊपर चढ़ गए । शाम आसरा भी टूटता नज़र आया हताश किशोर की हताश आंखें पीछे वाले बाइक सवार नें पढ़ लीं, कार का शीशा चढ़ते हुये जो देख रहा था ...... बाइक सवार ने पचास का नोट देकर कहा ये ये मुझे दे दो सा’ब, छुट्टे ... बीस दीजिये न ... नहीं है ...... कोई बात नहीं कल लौटूँगा न तब वापस ले लूँगा ..... रोज़ निकलता हूँ । सा’ब आप ले जाओ ... छुट्टे कल दे देना !           बाइक सवार युवक ने लगभग डपट कर उसे बीस की जगह पचास थमा दिये । किशोर ने बाइक का नंबर नोट किया ...........          किशोर कई दिनों तक उस बाइक का इ…

वेदों की वैज्ञानिकता और दादा परसाई

11दिसम्बर,1983' पूछो परसाई से' स्तम्भ में  भिलाई से सुरेश कुमार जैन ने परसाई जी से एक सवाल किया था कि -"वेदों की वैज्ञानिकता को आप क्या मानते हैं ? " उत्तर कुछ ये था -  वेदों की वैज्ञानिकता से आपका क्या अर्थ? क्या यह अर्थ है कि वेदों में आधुनिक विज्ञान है? कुछ पुरातनवादी यह दावा करते हैं कि आज जो वैज्ञानिक खोजें हुई हैं, वे सब वेदों में हैं। यह मूर्खता है, अंधविश्वास है।अगर यह बात सही होती तो ये भारतीय वैज्ञानिकों को पहले ही बता देते कि अमुक वेद की ऋचाओं में अणु विस्फोट से ऊर्जा उत्पन्न करने का सूत्र दिया है। हम क्यों हाथ जोड़ते पश्विम के देशों के। वेद हैं और वेदांग हैं फिर उपवेद हैं, भाष्य हैं। इनकी रचना एक साथ नहीं हुई। सबसे प्राचीन ऋग्वेद हैं। उस समय आर्य केवल शिकार पर निर्भर नहीं रहे थे । वे खेती करने लगे थे।उनकी छोटी-छोटी बस्तियां बस गयीं थीं ।वे प्रकृति के हर तत्व और क्रिया को चामत्कारिक मानते थे और प्रकृति से संघर्ष भी चला था। जो पत्थर की रगड़ से आग पैदा करते थे,वे कितना विज्ञान जानते थे उससे बहुत अधिक विज्ञान तो सिंधु घाटी के पास था । वेदों की रचना हजार सालों में…

भारतीय-अमेरिकी के नाम पर अमेरिका में बिजनेस स्कूल

एक शीर्ष निजी अमेरिकी विश्वविद्यालय ने अपने पहले बिजनेस स्कूल का नाम एक भारतीय अमेरिकी रियल इस्टेट कारोबारी के नाम पर रखा है। रॉकफोर्ड विश्वविद्यालय ने पुरी बिजनेस स्कूल की स्थापना का ऐलान किया है। इस स्कूल को फर्स्ट रॉकफोर्ड ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील पुरी ने 50 लाख डॉलर का योगदान दिया है। पुरी ने रॉकफोर्ड विश्वविद्यालय से 1982 में अपनी पढ़ाई की थी और वर्ष 2013 में संस्थान ने उन्हें डॉक्टर ऑफ हयूमन लेटर्स की मानद उपाधि से सम्मानित किया था। इस संबंध में पुरी ने कहा यह मेरे और मेरे परिवार के लिए महत्वपूर्ण है कि पुरी बिजनेस स्कूल में छात्र, अध्यापक और समुदाय न केवल आपस में संवाद कर सकते हैं बल्कि वहां का पाठयक्रम भी इस प्रकार तैयार किया गया है कि विश्वविद्यालय आगे बढ़ने और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर सके। उन्होंने कहा कि यहां छात्रों को नवउत्कर्ष की अपार संभावनाएं मिलेंगी। पुरी ने कहा कि उनकी सफलता में रॉकफोर्ड कॉलेज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इसके एवज में वह पुरी बिजनेस स्कूल के माध्यम से संस्थान के लिए कुछ करना चाहते हैं। पिछले स…

Ten Kings By Ashok Banker

Under the aegis of Club Literati and Arera Club  ‘Author Speaks’ session was organized in association with Amaryllis, an imprint of Manjul Publishing House. India’s epic storyteller Ashok Banker talked about his latest book TEN KINGS and read interesting portions from it. Ashok Banker is an internationally acclaimed bestselling author of 42 books which have sold more than 20 lakh copies in 16 languages across 58 countries.  New York Times describes his work as “being better written than many books in the genre..”. His historical mega serial ‘Chakravartin Ashok Samrat’  is being aired on Colors channel  from 5th January 2015. TEN KINGS set in 3400 BCE, is the riveting story of a legendary battle between King Sudas and the combined invading force of ten kings from neighboring regions. The battle decided the future course of the region’s history and laid the foundation of bharatvarsha.
In this interactive session moderated by Kaneez Razavi , senior editor with Amaryllis the audience parti…