Vandana

Friday, October 10

एक लाइन की चर्चा :


आज सोच रहा हूँ चर्चा करुँ चिट्ठों पर कुछ ग़लत लिख जाए तो टिपिया देना भाइयो और बहनों वास्तव में चिट्ठों को चर्चित करना उद्देश्य है न की किसी को दु:खी करना

केवल ब्लाग्स के शीर्षकों को बांच के यूँ ही कुछ कहने से कैसा लगेगा


सभी चिट्ठाकारों को हार्दिक बधाई जिनके चिट्ठे शामिल न हो सके वे बेनाम टिपियाएँ या बांचें “एक ख़त अज्ञातानंद जी नाम !”


चिट्ठा जगत से साभार

13 टिप्पणियाँ:

अनूप शुक्ल said...

मजेदार!

PD said...

इंतजार भी कितनी खूबसूरत होती है.. है ना?:- इंतज़ार करोगी तो खूबसूरत होगा और इंतज़ार करोगे तो खूबसूरत होगी आप कर रहें हैं या कर रहीं हैं ?

जाहिर है कि मैंने इंतजार को स्त्रीलिंग कि संज्ञा दिया है.. :)

सतीश सक्सेना said...

अरे वाह ! आपने तो अनूप जी के चिटठा चर्चा की याद दिला दी !

Anil Pusadkar said...

गज़ब कर दिया गिरीश जी।बधाई आपको पैनी निगाहों की।

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said...

अनूप शुक्ल सच्ची में तो धन्यवाद,
pd sir just kidding,,,,,,,,,,,,,!!
बुरा मत मानिए
सतीश सक्सेना जी मैंनें बस यूँ ही लिखा मारा.
गुरु भाई अनिल पुसदकर जी आभारी हूँ आपका

PD said...

अरे नहीं भाई.. मैंने भी मजाक में ही लिया है.. :)

seema gupta said...

" wow, great, it is really very intresting to read. enjoyed reading it ya'

regards

प्रदीप मानोरिया said...

धन्यबाद मजेदार कांसेप्ट जिस पर आपने लिखा की उनके बाप से पूछ आयें कृपया उसको पढ़कर अनुग्रहीत कीजिये

मेरे ब्लॉग पर पधारे
९ तारीख को उद्धव जी ने एक बयान दिया की मुम्बई मेरे बाप की
और मुझे मर्दर्शन दे की इस बार पॉडकास्ट के लिए कौन सी कवितायें रिकॉर्ड करुँ

neeshoo said...

एक लाइना पंढ के मजा आ जाता है । बहुत बढिया । एक अनूप जी जैसा ही लगा ।

rakhshanda said...

बहुत अच्छा लगा यहाँ आकर, आते रहने का इरादा है...

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said...

रक्षंदा जी ,नीशू भाई, प्रदीप मानोरिया जी,सीमा गुप्ता जी
शुक्रिया जी

विवेक सिंह said...

चिट्ठा चर्चा वाली मण्डली से मेरी पोलाइट विनती है कि मिसफिट जी को अपनी मण्डली में फ़िट कर लें . इस हीरे को परखो जौहरियो . कहीं प्रतिभा पलायन न हो .वैसे ही आजकल अधिकतर चिट्ठाचर्चा वाले चर्चा को बोझ समझते दिखाई दे रहे हैं .

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said...

विवेक सिंह जी
THANK'S

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उसने मुझे सलीब पे चड़ने नहीं दिया,
ताकत खुदा की गोया वो जान गया है..?
जबसे वो जान ने लगा ख़ुद में खुदा बसा
तब से यकीं कीजिए वो अनुमानने लगा !!

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