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पूरे शहर को मेरी कमियाँ गिना के आ

पूरे शहर को मेरी कमियाँ  गिना के आ जितना भी  मुझसे बैर हो, दूना निभा के आ । ************** कब से खड़ा हूं ज़ख्मी-ज़िगर हाथ में लिये सब आए तू न आया   , मुलाक़ात के लिये   ! तेरे दिये ज़ख्मों को तेरा ईंतज़ार है – वो हैं हरे तुझसे सवालत के लिये !!        चल दुश्मनी का ही सही रिश्ता निभा ने  आ  ************** रंगरेज हूँ  हर रंग की तासीर से वाकिफ  जो लाता  है दुआऐं मैं हूँ  वही काज़िद  । शफ़्फ़ाक हुआ करतीं  हैं झुकी डालियाँ मिलके  इक तू ही मेरी हकीकत न वाकिफ  .         आ मेरी तासीर को आज़माने आ  .        **************

रामायण काल की पुष्टि न करने में विकी पीडिया ज्ञान कोष एक प्रमुख षडयंत्र कारी भूमिका में

अक्सर सनातन विरोधी राम को एक काल्पनिक नायक मान कर अपने अपने तर्क उन पर लिखे साहित्य के आधार पर करते हैं  जो सर्वथा गलत है । राम सूर्यवंश के 64 वें सम्राट थे इस तथ्य को सिरे से खारिज करने वाले लोग राम थे ही नहीं कह कर जहां एक ओर सत्य सनातन को नकारते वहीं दूसरी ओर स्वयं के नवोन्मेषित पंथ को वास्तविक धर्म साबित करने की कोशिश में जुटे हैं । यहाँ हमें 94 सूर्यवंशीय सम्राटों की सूची मिली है । अगर हम आज की औसत उम्र का से लगभग दूना अर्थात 100 वर्ष मानें तो प्रत्येक राजा का ने कम से कम 30 वर्ष से 50 वर्ष आयु पूर्ण होने तक राज्य किया ही होगा । यहाँ किसी भी सूर्यवंशी राजा की असामयिक मृत्यू का विवरण किसी धार्मिक ग्रंथ में नहीं है महाभारत काल के पूर्व केवल सूर्यवंशीय सम्राटों का राज्य लगभग उनकी औसत उम्र से आधी अवधि अर्थात  अर्थात 9400 वर्ष का आधा 4700 वर्ष निर्धारित करना चाहिए ये वो युग था जब सूर्यवंशीयों ने भारत भूमि ही नहीं वरन लगभग  आधे विश्व   विस्तारित था । यहाँ वैदिक कालीन समयावधि को जो ईसा के 1500 से 1000 वर्ष पुरानी कही जा रही है अमान्य करने योग्य ही  है । हमारे वेदों के  रचनाकाल में भाषा