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नवंबर, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिंदी ब्लागिंग : विकास एवम संभावनाएं(जबलपुर-ब्लागर्स एसोसिएशन की आयोजना)

  ज बलपुर-ब्लागर्स एसोसिएशन की  आयोजना कार्यशाला दिनांक:: 01 दिसम्बर 2010 , शाम : 06:30 से स्थान होटल :-सूर्या जबलपुर मध्यप्रदेश  "हिंदी ब्लागिंग : विकास एवम संभावनाएं" मुख्य अतिथि श्री विजय सत्पथी, हैदराबाद एवं विशिष्ठ अतिथि श्री ललित शर्मा, अभनपुर,(रायपुर) एवम श्री जी०के०अवधिया रायपुर छत्तीसगढ़ होंगे . हिंदी ब्लागिंग : विकास एवम संभावनाएं विषय पर होने जा रही  कार्यशाला का विषय प्रवर्तन करेंगे पंकज गुलुस   डाक्टर विजय तिवारी "किसलय" के आलेख सव्यसाची श्रेष्ठ ब्लागर सम्मान से सम्मानित श्री महेंद्र मिश्रा  द्वारा जबलपुर  के ब्लागिंग  इतिहास की प्रस्तुति  के साथ मुक्त-चर्चा आरम्भ होगी. जिसमें कनाडा से पधारे उड़न तश्तरी ब्लॉग वाले भाई समीर लाल, , कार्टूनिस्ट राजेश डूबे जी,गायक,शायर एवम वक़ील बवाल जी, हिंदी सिनेमा पर ब्लागिंग करने वाले युवा ब्लागर मयूर बक्शी, साहित्यकार विवेकरंजन श्रीवास्तव, चिंतक-विचारक सलिल समाधिया, प्रेम फ़रुख्खाबादी, आनंद कृष्ण ,शशिकान्त ओझा,संजू तिवारी  शामिल होंगे. यथा सम्भव यह प्रयास किया जा रहा है कि नेट पर इसकी सीधी नेटकास्टिंग की जावे ताकि

जन्म दिन की पूर्व संध्या भक्ति-मय bambuser ने बना दी साथ ही ब्लागिंग पर कार्यशाला की तैयारी ज़ोरों पर

श्रद्धा बिटिया का गाया " भजन "   और आयुषी ने भी दो गीत लाइव प्रस्तुत किए एक सुनिये ” यहां ” ब्लाग जगत को सूचित किया करते हुए हर्षित हूं कि दिनांक 01/12/2010 को जबलपुर ब्लागर्स कार्यशाला का आयोजन प्रशासनिक की कसावट के कारण स्थानीय शादीयां शादी मंडपों से होटलों में शिफ़्ट होने से स्थान परिवर्तित करना पड़ा अब यह कार्यशाला होटल सूर्या के कांफ़्रेंस हाल सायं नियत समय में प्रारम्भ होगी . कार्यशाला के मुख्य अतिथि होंगे श्री विजय सत्पथी, विशिष्ठ अतिथि श्री ललित शर्मा. पाण्डिचेरी में थे एक राष्ट्रीय आर्टीजन-कार्यशाला जिसके लिये वे छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रतिनिधि थे को अधूरा में  छोड़ कर रवाना हो चुके हैं . साथ हीसमीर भाई,महेंद्र मिश्रा जी, डूबे जी,बवाल जी,पंकज गुलुस, डाक्टर विजय तिवारी’किसलय’ मयूर बक्शी,विवेकरंजन श्रीवास्तव, सलिल समाधिया, प्रेम फ़रुख्खाबादी, आनंद कृष्ण , शशिकान्त ओझा , संजू तिवारी यानी सभी से मिलना होगा कार्यशाला में.            जबलपुर की कार्यशाला का लाइव प्रसारण करने का प्रयास रहेगा यदि कोई तकनीकी समस्या न हुई तो .ऐसा होना तय है. अगर यह सहज हो सका तो बज़्ज़ पर एक लिंक द

नेटकास्टिंग: घर बैठे आप टीवी शो बनाएं दुनियां भर को दिखाएं

विवेक रस्तोगी के सुझाये रास्ते पर समीर लाल बवाल और सलिल समाधिया अभिनव प्रयोग Live Netcast :"हिंदी ब्लागिंग के इतिहास में पहला प्रयोग "  Talk Show With Sameer Lal, Bawal & Salil Samadhiya By G.Billore प्रस्तुति : गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" Melodi of life यह भी अनूठा प्रयोग रहा इसके लिये मैं ब्लागप्रहरी के निर्माता "कनिष्क-कश्यप" का आभारी हूं.  आज़ का सफ़ल प्रयोग Bambuser   और ustream  पर ustream अपेक्षाकृत  अधिक उपयोगी एवं स्मूथ है फ्री है आप भी आजमा सकते हैं. अर्चना चावजी  ने भी Bambuser पर खता खोल लिया है देखिये  :- रचना बजाज जी के गीत को सुनिये यहां " चलो चलें नवयुग की ओर !! " और यहां सुनिये " सरस्वति-वंदना " सच कितना कुछ है करने को और हम हैं कि बस विवाद लाद रहें हैं नेट पर   ___________________________ मुझे नही मालूम इसे क्या कहा जाए मैं इसे नेटकास्टिंग नाम दे रहा हूं शायद आप स्वीकारेंगे ___________________________  

चायना ब्लागर्स मीट के स्थगित होने का असर जबलपुर मीट पर नही : समीर लाल

श्री विजय सत्पथी   "चीन में आयोजित होने वाली मीट के स्थगित होने के असर पर पूछे गए एक सवाल पर समीर लाल ने गम्भीर होकर सूचित किया कि ऐसी किसी घटना का असर जबलपुर ब्लागर्स मीट पर होना असम्भव है. हां यह अवश्य है कि कारणों की पड़ताल इस मीट में. की जा सकती है. ब्लागर्स इस बात से चिंतित न हों कि  !"  तदाशय के विचार आज उनके द्वारा घनघनाए टेलीफ़ोन्स  के ज़वाब में दिये तथा मुझे तदाशय की सूचना जारी करने के निर्देश भी दिये. ताकि ब्लाग जगत में फ़ैल रीं   अफ़वाहों पर लगाम कसी जा सके.  ब्लाग जगत के लिये आवश्यक सूचना यह है कि जबलपुर ब्लागर्स मीट में आने वाले मुख्य अतिथि श्री विजय सत्पथी होंगें . जिनका ब्लाग " The Soul of my Poems "मुझे बहुत पसंद है उनके अन्य ब्लाग निम्नानुसार हैं Ø HE INNER JOURNEY ::: अंतर्यात्रा   Ø   शिर्डी के साईबाबा .......SHRI SAIBABA OF SHIRDI   Ø THE INDIAN COMICS भारतीय कॉमिक्स   Ø   VIJAY KUMAR SAPPATTI   Ø MY PHOTOGRAPHIC ROMANCE   Ø हमेशा हँसते ही रहो   Ø HRUDAYAM :: ह्रदयम   Ø ART BY VIJAYKUMAR SAPPATTI   Ø THE SOUL OF MY POEMS कवि

सर्किट हाउस भाग:-तीन ( अध्याय एक : समापन किश्त)

{अभी तक आपने पढ़ा सर्किट-हाउस भाग एक तथा  भाग दो अब आगे ) दीपक जी चाय पिला रहें है इस बात की खबर  बोपचे साब को मिली तुरंत पहुंच गये सलामी देने अरे भई ,सक्सेना जी, कैसे सुबह सुबह ? नमस्कार,अपर-संचालक महोदय आ रहें हैं आप कैसे ..? बोपचे ने मैडम को सर-ओ-पा भरपूर निहारते हुए  कहा:- बस हम भी ऐसे ही मंत्री जी के पी ए का साला और उसकी पत्नी आ रहे हैं. उनको तेवर में माता जी के दरबार में कोई मनता पूरी करनी है सो हम आए हैं चाकरी को . अब बताएं हमारे कने कौन सा गाड़ी घोड़ा है जो ये सब करतें फ़िरें. फ़िर भी ससुरे छोड़ते कहां हैं..? जी सही कहा..! मैडम और दीपक ने हां हुंकारा किया. तभी अब्राहम चाय लेकर आया पी एस सी सलैक्टेट अर्दली था सो समझदारी से दो की जगह चार चाय ले आया. बोपचे:- ई अब्राहम बहुतई काम के अफ़सर हैं बहुत बढ़िया चाय ले आये गुप्ता कने से लाए हो का…? “हां, सर ” अब्राहम बोला अरे भई सक्सेना जी, बड़े भाग तुम्हारे जलवे दार विभाग मिला है- गाड़ी घोड़ा, अपरासी-चपरासी, और……..! दीपक : ( बोपचे इस और को परिभाषित न कर दे  इस भय से ) और क्या विभाग की बदौलत चुनाव में हार जीत होती है कौन सरकार इसे हरा न  रखेगी … ब

जबलपुर के ब्लागर्स जुड़ेंगे एक तारीख को होटल सत्य अशोका में

श्री ......... के नगरागमन पर   जबलपुर-ब्लागर्स-मीट दिनांक: 01/12 / 2010 / सायं: 06:00 बजे   से   स्थान : होटल सत्य-अशोका जबलपुर   स्थान : होटल सत्य-अशोका जबलपुर    आयोजक : जबलपुर ब्लागर्स एसोसिएशन   प्रायोजक : श्री समीर लाल उडनतश्तरी निवेदक : महेंद्र मिश्रा , डूबे जी , बवाल ,  डाक्टर विजय तिवारी किसलय ,आचार्य संजीव वर्मा ’सलिल’ , गिरीश बिल्लोरे मुकुल ________________________ -:कार्यक्रम:-  हिन्दी ब्लागिंग :एक विमर्श  अतिथि  परिचय : समीर लाल द्वारा  विषय  प्रवर्तन    : गिरीश बिल्लोरे मुकुल मुख्य-वक्ता : महेंद्र मिश्रा , राजेश दुबे डूबे जी , बवाल , डा0विजय तिवारी किसलय ,आचार्य संजीव वर्मा ’सलिल’ ,  रात्री भोज:-  नोट :-भोज पूर्व ताज़े फलों का पेय  एवं अन्य पेय पदार्थ मीनू में शामिल हैं . (सूचना :- समीर लाल जी के आदेशानुसार जारी ) (0^0) (0^0) (0^0) (0^0) [कल  इसी ब्लॉग पर सर्किट-हाउस भाग एक तथा  भाग दो के बाद की कड़ी अवश्य देखिये   ]

सामयिक सूचना : ज़ीरो की घर वापसी

सुर्खियॊं मे रहने वाला शरारती बालक ज़िंदगी को जीत के आज़ वापस आ गया. मौत जिसे छूकर निकल गई हो उसे हमारा स्नेह शतायु होने का आशीर्वाद है. आते  ही फ़ोन दागा और लगा दुनिया ज़हान की याद करने... लग गया दुनियां जहान की चिंता में. ज़ीरो है जिसकी खोज भारत में ही हुई है ससुरे शून्य के बिना कोई काम नहीं चलता. आगे लगा के एक बिंदी धर दो इकनी एक दूनी दो के अर्थ बदल जाते हैं . अंक के बाद में जित्ती बढ़ाओ उतना असर  दिखाता है.. ये ज़ीरो यानी महफ़ूज़ जो नाम से महफ़ूज़ है तो रहेगा भी महफ़ूज़ ही न? स्वाथ्य-लाभ की मंगल कामना के साथ .  ( ख़बर इधर भी ) 

सर्किट हाउस भाग:-दो

( सर्किट हाउस भाग एक  )      सुबह सरकारी फ़रमान के मुताबिक विभाग के अपर-संचालक हिम्मत लाल जी की जी अगवानी के लिये दीपक सक्सेना , अब्राहम, सरकारी गाड़ी से स्टेशन पर पहुंच चुके थे  उन सबके पहले एक दम झक्कास वर्दी पर मौज़ूद था.  वो भी गाड़ी .के आगमन के नियत समय  के तीस मिनिट पहले. दीपक  सक्सेना ने लगभग गरियाते हुए सूचित किया :-”ससुरा, अपने दोस्त के बेटे के रिसेप्शन में आया है. ” अब्राहम ने पूछा :-तो मीटिंग लेगें.. और टूर भी नहीं ? दीपक:-लिखा तो है फ़ेक्स में पर पर तुम्ही बताओ इतना सब कर पायेंगे. चलो आने पे पता   चलेगा.  अब्राहम:-हां सर, वो प्रोटोकाल वाले बाबू से रात बात हो गई थी . कमरा नम्बर तीन और पीली-बत्ती वाली  गाड़ी अलाट हो गई है. एस०डी०एम०सा’ब से भी बात हो गई  थी.  दीपक:- सुनो भाई, तुम बाबू को कुछ दे दिया करो ?   अब्राहम:-देता हूं सर,  दीपक:- हां, तो पुन्नू वाली फ़ाईल का क्या हुआ…? अब्राहम:- सर, हो जाता तो अप्रूवल न ले लेता आपसे.   इस हो जाता में  गहरा अर्थ  छिपा था. जिसे एक खग ने उच्चारित किया दूजे  खग ने समझा.  दीपक:-  हां. ये तो है.  अब्राहम:- सर, कोई मीटिंग नहीं तो चलिये मैं चर्च हो