सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

जून, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

उसे रास्ता अब दिखा ही दो ,यारो नशे में वो चूर है ....!

*उसे रास्ते की तलाश है ,ये बात तुम न समझ सके !* *यहाँ क्यों हैं चेहरे, डरे हुए –ये बात हम न समझ सके !!* :::::::::: हर कोई किसी , किताब में कुछ है लिखा कुछ पढ़ रहा ! जिसने जिसे जैसा सुना- उसे वैसा ही वो  गढ़ रहा ..!! हर कोई देखे कान से – कोई आँख से न परख सके !! यहाँ क्यों हैं चेहरे, डरे हुए  – ये बात हम न समझ सके !! :::::::::: *तकरीर थी याकि आग थी* *कि जल उठे हैं शहर शहर !* *नई त्रासदी भोपाल की-* *अब जल उठेगी डगर डगर !!*  *उसे रास्ते की तलाश है , ये बात तुम न समझ सके !!*  :::::::::: *उसे रास्ता अब दिखा ही दो* *यारो नशे में  वो    चूर है ....!* *भूलो  पुरानी कहावतें–* *दिल्ली न अब कोई दूर है !!* उसे रास्ते की तलाश है , ये बात तुम न समझ सके !                                        *गिरीश “मुकुल”*

*“एसपी सिंह स्मृति व्याख्यान में निशाने पर रहा सोशलमीडिया”* पुष्कर पुष्प की रपट

भारत में आधुनिक टेलीविजन पत्रकारिता के जनक और आजतक के संस्थापक संपादक स्वर्गीय सुरेन्द्र प्रताप सिंह (एसपी सिंह) की याद में दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 26 जून की शाम को मीडिया खबर कॉनक्लेव और एसपी सिंह स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह आयोजन मीडिया खबर डॉट कॉम द्वारा किया गया। मीडिया कॉनक्लेव में मीडिया जगत के दिग्गजों ने भाग लिया।इस मौके पर हैशटैग की पत्रकारिता और ख़बरों की बदलती दुनिया पर एक परिचर्चा का आयोजन भी किया गया जिसमें राहुल देव(वरिष्ठ पत्रकार) , केजी सुरेश (डायरेक्टर , आईआईएमसी) , नीरेंद्र नागर (संपादक , नवभारतटाइम्स.कॉम) , सतीश के सिंह (ग्रुप एडिटर , लाइव इंडिया) , मुकेश कुमार(वरिष्ठ पत्रकार) , सईद अंसारी(न्यूज़ एंकर , आजतक) , बियांका घोष (चीफ कंटेंट ऑफिसर , एचसीएल टेक्नोलॉजी) और अनुराग बत्रा (एडिटर-इन-चीफ , बिज़नेस वर्ल्ड) ने अपनी बात रखी। हैशटैग पत्रकारिता व्यक्ति की वस्तुनिष्ठता को प्रतिबिंबित नहीं करता – राहुल देव वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने सोशल मीडिया के संदर्भ में कहा कि हैशटैग की बड़ी दिक्कत है कि यह व्यक्ति की वस्तुनिष्ठता को प्रतिबिंबित नहीं करत

*वक्त और हम-तुम*

बाल-भवन जबलपुर द्वारा उठाया सराहनीय क़दम ।*

    संचालनालय महिला सशक्तिकरण भोपाल से आए अधिकारी श्री हरीश खरे जी के परामर्श पर संभागीय बालभवन संचालक ने  संगीत की विशेष साप्ताहिक  क्लास राज कुमारी  बाल निकेतन में प्रातः 11 बजे से संचालित करने की तैयारियां पूर्ण कर लीं है. । बालनिकेतन के 46 बच्चों को प्रशिक्षण के लिए पंजीकृत किया गया है । संस्थान के अध्यक्ष एवं सचिव ने इस हेतु आयुक्त महिला सशक्तिकरण को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि - *संस्थान में बेहद अनिवार्य सेवा देकर विभाग ने अत्यंत संवेदनशीलता का परिचय दिया है..  एकीकृत बाल संरक्षण सेवा के बेहतर क्रियान्वन केवल दिशा संभागीय बाल-भवन जबलपुर द्वारा  उठाए कदम की सराहना की है । *     संचालक बाल भवन ने बताया इस सुविधा के प्रारम्भ होने से जहां एक ओर  विशेष श्रेणी परिवार विहीन बच्चों को प्रादेशिक एवं  राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भागीदारी का अवसर मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय-बालश्री एवार्ड में शामिल होने के अवसर भी बच्चों को प्राप्त हो सकेंगें.  । प्रशिक्षण के लिए सुश्री शिप्रा सुल्लेरे एवं श्री सोमनाथ सोनी इस हेतु प्रभारी नियुक्त किये गए है। प्रशिक्षक के रूप में कुमारी मुस्कान सोनी भी

यक-ब-यक जागके, खुद से ही लिपट जाना

सरकती रात  से सहर तक जागता  हूँ  मैं - हर इक लम्हा तुम्ही को देखा  लजाते देखा !! वही लम्हा तुम्हारी हसरतें करता है बयाँ इश्क में भीग के बैठी हो – तुम जाने कहाँ     अपनी आँखों पे आकाश उठाती होगी - उन सितारों को  आँखों में समाते देखा..! हौले-हौले तुम्हारा इस तरह करीब आना तन्हा रातों में मेरे ख्वाब में सिमट  जाना यक-ब-यक जागके, खुद से ही लिपटते देखा जब भी आँखें लगीं तुम्हें ख्वाब  आते देखा !! कुण्डियों से बहुत तेज़ खनकते कंगन चुनरिया थी कि प्रीत का महकता परचम मेरी मौजूदगी का तुमको जो एहसास हुआ – हथेलियों से चेहरे को छिपाते देखा .. सरकती रात  से सहर तक जागता  हूँ  मैं - हर इक लम्हा तुम्ही को देखा  लजाते देखा !! *गिरीश बिल्लोरे मुकुल* *

*प्रत्यूषा के बचपन का रोल निबाहेंगी बालभवन की श्रेया खंडेलवाल*

*प्रत्यूषा के बचपन का रोल निबाहेंगी बालभवन की श्रेया खंडेलवाल*        सुधा प्रोडक्शन द्वारा बनाई जाने वाली प्रत्यूषा बैनर्जी के जीवन पर आधारित फिल्म जिसका निर्देशन  मुकेश नारायण अग्रवाल कर रहे हैं में प्रत्युषा के बचपन का रोल करने के लिए   श्रेयाखंडेलवाल   को चुना है. १२ वर्षीय श्रेया बालश्री की नामिनी भी हैं तथा बालभवन में नाट्य नृत्य एवं संवाद कविता लेखन की छात्रा हैं  तथा बालभवन के नुक्कड़ नाटकों में भी श्रेया ने कई भूमिकाएं निभाईं हैं   श्रेया ने विवेचना रंगमंडल द्वारा मंचित नाटक “ हम आपके हैं कौन ?” में  जिसका निर्देशन    श्री अरुण पांडे एवं श्री संतोष राजपूत  ने किया में प्रमुख भूमिका निबाही थी   .   08 जून 2016 को मुंबई में हुए आडिशन में श्रेया का अंतिम रूप से चयन कर लिया गया . श्रेया का नृत्य भी इस अनाम फिल्म में शामिल किया. पिता श्री विकास खंडेलवाल एवं माँ श्रीमती अर्चना अपनी बेटी उपलब्धियों का   ईश्वर एवं    बालभवन के साथ साथ स्माल वंडर्स स्कूल के शिक्षकों को देते हैं   साल भर पहले अपनी सहेली पलक गुप्ता के साथ बालभवन जबलपुर में नृत्य कक्षा में प्रवेश लेने

Common Yoga Protocol-Hindi (full version), International Day of Yoga - 2016

संभागीय बालभवन जबलपुर मध्य-प्रदेश          21 जून  2016 दूसरा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हेतु सामान्य योग अभ्यासक्रम ( CYP )                                                            प्रथम चरण A)      प्रार्थना --- ॐसंगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसीजानताम् ! देवा भागं यथा पूर्वे सञ्जानाना उपासते !!     दूसरा चरण B) शिथिलीकरण अभ्यास/चालन क्रियाएं 1] ग्रीवा चालन खडे होकर सिर को धीरे धीरे आगे और पीछे  करना : प्राणायाम युक्त  1 मिनट. 2] ग्रीवा चालन दाई एवं बाई ओर गर्दन झुकाना है .                                               1 मिनट. 3] ग्रीवा चालन दाएं एवं बाएं ओर गर्दन घुमाना है.                                                1 मिनट. 4] ग्रीवा चालन गर्दन को पुरा गोलाकार घुमाना है.                                                1 मिनट. 5] स्कंध संचालन दोनों बगल से हातों को ऊपर उठाएं और निचें लें जाएं .                1 मिनट. 6] स्कंध चक्र एवंम स्कंध चालन दोनों कोहनियों को पुरी तरह चक्राकार घुमाएं .          1 मिनट. 7] कटि चालन / कटिशक्ति विकासक कटिचक्रासन का