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शुक्रवार, मार्च 8

डिंडोरी में पूरे उत्साह से मनाया गया महिला दिवस


मान.न्यायाधीश श्री वीरेंद्र सिंह राजपूत जी
अतिरिक्त जिला एवम सत्र न्याया.
नगर पंचायत अध्यक्ष
श्रीमति सुशीला मार्को
एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना डिण्डौरी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का
आयोजन विधिक सहायता प्राधिकरण डिण्डौरी महिला शक्ति संगठन पतांजली योग संस्थान डिण्डौरी
एवम  नव-गठित महिला सशकितकरण विभाग डिण्डौरी के संयुक्त तत्वधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए एडीसनल डिसिट्रक्ट जज श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत ने कहा महिला दिवस पर विधिक सेवा प्रधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर लगाकर हम दूर गांव तक महिलाओं के हितों के संरक्षण के लिए बनाये गये कानूनों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध करा रहे है। किसी भी प्रकार के महिला विरोधी उपराध के रोक थाम तथा उससे बचाव के लिए पक्षकार को जरूरी  खर्च एवम अधिवक्ता उपलब्ध कराने का कार्य भी विघिक सेवा प्रधिकरण के द्वारा
किया जाता है।
मान. न्यायाधीश श्री मनोज तिवारी
               श्री मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री मनोज तिवारी ने कहा की महिलाओं एवं बच्चों के लिए मौजूदा लाभ ,करने में बाल विकास सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। दहेज एवं बाल विवाह संबंधि कानूनों का प्रचार-प्रसार का बहुत जरूरत है । जिला सजिस्टार एवं ग्राम न्यायालय प्रमुख श्री सुरेन्द्र मेश्राम ने विधिक सहायता कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
अथितियों का स्वागत 
अथितियों का स्वागत 
               मुख्य अतिथि श्रीमति सुशीला मार्को, ने महिलाओं में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के संबंध में चर्चा करते हुए कहा की महिला
बाल विकास की सेवाएँ महिलाओं की मजबूती देने के लिए चलार्इ गर्इ है। गांव-गांव तक महिलाओं
के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं  जिसका लाभ निचले
स्तर पर डिण्डौरी जिले में संतोष पूर्ण ढंग से पहुचाया जा रहा है।

               राष्ट्रपति पुरुस्कार प्राप्त शिक्षिका सुश्री पुष्पा सिहारे ने सामाज, शासकीय विभाग और आम जनता से महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने के महत्व को रेखांकित किया।  अतिथि वक्ता श्रीमति सुधा जैन, श्रीमति ममता शुक्ला, श्रीमति अनीता उपाध्याय, श्रीमति सपना जैन, श्रीमति लक्ष्मी अहिरवार ने स्व-रचित कविता के साथ नारी शक्ति  आव्हान किया कि महिलाओं के विरूद्व समाज में व्याप्त नजरिये को बदलना होगा तथा स्वयं आगे बढ़ कर महिलाओं को अपराधों के  विरूद्व जूझना जरूरी है।  जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमति कल्पना तिवारी, रिछारिया ने कहा कि डिण्डौरी जैसे जिले में महिला जागरूकता बढ़ी है। महिलाएँ अब घरेलू हिंसा के विरूद्व सामने आने लगी है। जिले में 130 महिलाओं ने डी.आर्इ.आर. दाखित कराए है । श्रीमति कल्पना तिवारी ने विभागीय कार्यक्रमों जैसे मोर डुबुलिया, प्रोजेक्ट-प्रोत्साहन, वाहन-चालक प्रशिक्षण, नवाचार जो शुद्व रूप से महिलाओं के लिए क्रियांवित किए गए साथ ही महिला कल्याण को लेकर राज्य सरकार सजग एवं सतत कार्यशील है।   सुश्री फिरौजा सिद्वकी एडवोकेट, श्रीमति वसुधा दुबे एडवोकेट, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ) ने अपनी अभिव्यकियों में कहा की मौजूदा कानूनों के सफल क्रियांनवयन हेतु महिलाओं को स्वयं ही सतर्क और सजग रहना चाहिए  दिन भर चली संगोष्ठी में श्रीमति मंजूषा शर्मा, श्रीमति सुलभा बिल्लौरे आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए महिलाओं ने अपनी भावनाएं वक्तव्यों एवम कविता के माध्यम से व्यक्त कीं.
                      कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्जवलन से हुआ। कार्यक्रम में दो वर्षीय नन्ही बालिका वेदांगी  नानोटे  ने कविता सुनाकर उपस्थित जनों  का मन मोह लिया। अतिथियों का स्वागत पर्यवेक्षक श्रीमतिदर्शलता जैन, पार्वती धुर्वे, कमला मरावी, तीजा धुर्वे, केतकी परस्ते, तारेश्वरी धुर्वे, कृष्णा धुर्वे, चन्द्रवती मरावी कौतिका धारणे, उर्मिला जंघेला, सुश्री लेखनी दुबे, श्री एन.एस.पूसाम, श्रीमति किरण पटेल, श्री शैलेश दुबे, श्री सलीम अहमद मंसूरी, भवानी शंकर झारिया, सुखराम सिंह परस्ते, धनीराम, ओमकार, सुरेश, नूर मोहम्मद, ने अतिथियों का पुष्प गुच्छों से स्वागत किया  कार्यक्रम का संचालन श्रीमति दर्शलता जैन एवं आभार प्रदर्शन श्री एस.सी. करवाडे जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा किया गया ।
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