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September, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मोहन भागवत जी का राष्ट्रीय चिन्तन राष्ट्र की अखण्डता का सन्देश

राष्ट्रवाद की वकालत करना भाजपा और आरएसएस का महिमा-मंडित करना कह कर खारिज़ करने वालों के ज़ेहन में 30 दिसंबर 2017 को  संघ प्रधान श्रीयुत मोहन जी भागवत की अभिव्यक्ति के मायने निकालने होंगें . उनने अपनी इस ईमानदार अभिव्यक्ति में  हर मुद्दे पर गंभीरता से विमर्श किया है. वे कश्मीर को विकास पथ पर शेष भारत की तरह शामिल करने एवं विकास के लिए सकारात्मक वातावरण के निर्माण के लिए सरकारों (राज्य-एवं केन्द्रीय सरकार) को सलाह देते नज़र आए . संघ प्रमुख ने विकास के साथ साथ चुनौतियों का भी सटीक विश्लेष्ण किया. तथा रोहिंग्या के शरणार्थी, चतुर्दिक सीमाओं पर घुसपैठ एवं तस्करी पर चिंता व्यक्त की. श्री भागवत ने पाकिस्तान को अपना दुश्मन न कहते हुए यह कहा कि- पाकिस्तान हमें अपना दुश्मन मानता है. वास्तविकता इससे इतर भी तो नहीं है. रिम्पोचे को नमन करते हुए अपने भाषण का शुभारम्भ करते हुए स्वामी विवेकानंद  विश्वबंधुत्व के चिंतन को स्पर्श करते हुए "राष्ट्रीय दृष्टि" को आत्मसात करने के महत्व का आह्वान किया. भारतीय के इतिवृत की उपेक्षा के लिए आरएसएस प्रधान ने कालोनाईज्ड ब्रेन की शुद्धिकरण का आह्वान किया. बहन…

रामायण के राम जनजन के राम

एक था रावण बहुत बड़ा प्रतापी यशस्वी राज़ाविश्व को ही नहीं अन्य ग्रहों तक विस्तारित उसका साम्राज्य वयं-रक्षाम का उदघोष करता आचार्य चतुरसेन शास्त्री के ज़रिये जाना था रावण के पराक्रम को. उसकी साम्राज्य व्यवस्था को. ये अलग बात है कि उन दिनों मुझमें उतनी सियासी व्यवस्था की समझ न थी. पर एक सवाल सदा खुद पूछता रहा- क्या वज़ह थी कि राम ने रावण को माराराम को हम भारतीय जो आध्यात्मिक धार्मिक भाव से देखते हैं राम को मैने कभी भी एक राजा के रूप में आम भारतीय की तरह मन में नहीं बसाया. मुझे उनका करुणानिधान स्वरूप ही पसंद है. किंतु जो अधिसंख्यक आबादी के लिये करुणानिधान हो वो किसी को मार कैसे सकता हैऔर जब एक सम्राठ के रूप में राम को देखा तो सहज दृष्टिगोचर होती गईं सारी रामायण कालीन स्थितियां राजा रामचंद्र की रघुवीर तस्वीर साफ़ होने लगी रामायण-कालीन वैश्विक व्यवस्था का दृश्य

रावण के संदर्भ में हिंदी विकीपीडिया में दर्ज़ विवरण को देखें जहां बाल्मीकि के हवाले से (श्लोक सहित ) विवरण दर्ज़ है-

अहो रूपमहो धैर्यमहोत्सवमहो द्युति:।
अहो राक्षसराजस्य सर्वलक्षणयुक्तता॥ आगे वे लिखते हैं "रावण को देखते ही राम…

फिल्म रेड में होंगी जबलपुर की 81 वर्षीया श्रीमती पुष्पा जोशी

27 अगस्त 1936 में नर्मदांचल में जन्मीं 81 वर्षीया  श्रीमती पुष्पा जोशी जी की पौत्रवधु श्रीमति हर्षिता ने एक वीडियो ज़ायका बनाकर उनके  ज़िंदगी के जायके को ऐसा तड़का लगाया कि उसकी ख़ुशबू  से कुछ ऐसा लगा कि मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर भूषण कुमार दुआ  ,  निर्देशक राजकुमार गुप्ता  और अजय देवांगन  ऐसे प्रभावित हुए कि उनने श्रीमती पुष्पा जोशी को   अपनी “आगामी सच्चे कथानक पर आधारित  फिल्म - रेड” में चरित्र अभिनय के लिए आमंत्रित कर लिया .
फिल्म में उत्तर प्रदेश के  आयकर अधिकारी की मुख्य भूमिका अजय देवांगन की होगी तथा फिल्म  
की नायिका हैं इ-लीना डी'क्रूज़  होंगी .  साथ ही सौरभ शुक्ल इस फिल्म में अभिनय करेंगे . जबलपुर 81 वर्षीया श्रीमती पुष्पा जोशी  पिछले एक सप्ताह से   फिल्म रेड की शूटिंग लखनउ में व्यस्त हैं .   फिल्म रेड के प्रोड्यूसर हैं भूषण कुमार तथा इसका निर्देशन किया है राजकुमार गुप्ता ने. यह फिल्म अगले साल  16  मार्च  2018 को रिलीज़ की जावेगी . जबलपुर की इन स्टार दादी सुप्रसिद्ध गायक संगीतकार आभास-श्रेयस जोशी की दादी हैं . प्रेमनगर जबलपुर निवासी स्वर्गीय बालकृष्ण  जोशी मध्य-प्रदेश शासन में उप जिल…

प्रबंधकीय कमजोरियां उजागर हुईं है बी एच यू में

27 नवम्बर 2014 को  काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के 26वें कुलपति प्रोफेसर गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने गुरुवार को अपना पदभार ग्रहण करते हुए  कहा था-  "बीएचयू में प्रवेश करते ही महामना की मूर्ति स्मरण हो गई और ऐसा लगा कि मेरे कंधों पर उनकी कल्पना को मूर्त रूप देने की ज़िम्मेदारी का पूरा भार है जिसे मैं पूरी निष्पक्षता के साथ पूरा करूंगा ।" उनकी शब्दावली में उम्रदराज शिक्षा शास्त्री होने के कारण सभी को सहज विश्वास हो सकता है किन्तु उनका व्यक्तित्व इतना कठोर सा क्यों नज़र आ रहा है 22 सितम्बर 17 से आज तक यानी 24 सितम्बर 2017 तक के घटना क्रम में .  जबकि वे कार्यभार ग्रहण करते समय ही  चुकें थे कि - " परिसर में प्रवेश करते समय जब मैंने छात्रों के भाव देखे तो उनकी आंखों में दिखाई देने वाली उम्मीद से मैं भाव विभोर हो उठा । विश्वविद्यालय में वे सभी प्रयास किये जायेंगे जिससे ये विश्व के सभी विश्वविद्यालयों में अग्रणी हो सके । यहां शिक्षा के हर आयाम पर ज़ोर दिया जाएगा जिससे नवीन तकनीक से जुड़कर छात्रों का मनोबल और दृढ़ हो सके।" नवागत वी सी ने तीन साल पूरे होते होते बेटियों से बात करने आने म…

आतंकिस्तान : धोये क्या निचोये क्या ..?

भारतीय उपमहाद्वीप क्षेत्र में आतंक का आवास बना पाकिस्तान कितना भी कोशिश करे भारत की बराबरी कदापि नहीं कर सकता । बावज़ूद इसके की चीन का उसे सपोर्ट हासिल है । चीन से इसकी रिश्तेदारी केवल एक आभासी वर्चुअल रिश्तेदारी है । रहा सवाल पाकिस्तान की आतंकी आश्रय शाला का तो वह अपनी आवाम की जगह आतंक को सर्वाधिक बड़ी जवाबदेही मानता है । कारण यह भी है कि टेरेरिज्म से पाक सेना को राहत मिलती है । यानी पाकिस्तान आतंकियों आउटसोर्सिंग से सैन्यकर्मियों की पूर्ति करते हुए मिलिट्री स्थापना व्यय  कम करता है । 
भारतीय विदेशी मुद्राभण्डार नवीनतम प्रकाशित आंकड़ों के आधार पर 400.72 अरब USD हो गया . यह समाचार भारतीयों के लिए एक सुखद एवं उत्साहित करने वाली खबर है. सरकारी मुद्दों पे संवेदित खबरिया चैनल का एक विश्लेषण देखिये  NDTVने अपनी खबर में भारतीय विदेशी मुद्राभण्डार के मामले में अपनी छोटी किन्तु असरदार रिपोर्ट में स्वीकारा है कि भारत में अप्रत्याशित ढंग से विदेशी मुद्रा भण्डार में इजाफा हुआ है. सितम्बर 2017 में हुई समीक्षा के हवाले से प्रकाशित समाचार के अनुसार :-    रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसारविदेशी मुद्रा भंडा…

उन्नति तिवारी की कविता

दीपावली मुबारक हो

बात पिछली दीपावली की है । भूल गया था,  पर इस बार दीपावली की धूमधाम शुरू होते ही याद आ गई। त्योहार की धूमधाम भरी तैयारियों में पिछले साल श्रीमती गुप्ता ने ढेरों पकवान बनाए सोचा मोहल्ले में गज़ब का प्रभाव जमा देंगी।बात ही बात में गुप्ता जी को ऐसा पटाया की यंत्रवत श्री गुप्ता ने हर वो सुविधा मुहैय्या कराई जो एक वैभवशाली दंपत्ति को को आत्म प्रदर्शन के लिए ज़रूरी थी। “माडल” जैसी दिखने के लिए श्रीमती गुप्ता ने साड़ी ख़रीदी और गुप्ता जी को कोई तकलीफ न हुई। घर को सजाया सँवारा गया,  बच्चों के लिए नए कपड़े बने । कुल मिलाकर यह कि दीपावली की रात पूरी सोसायटी में गुप्ता परिवार की रात होनी तय थी । चमकेंगी तो गुप्ता मैडम, घर सजेगा तो हमारे गुप्ता जी का, सलोने लगेंगे तो गुप्ता जी के बच्चे, यानी ये दीवाली केवल गुप्ता जी की होगी ये तय था । समय घड़ी के काँटों पे सवार दिवाली की रात तक पहुँचा,  सभी ने तयशुदा मुहूर्त पे पूजा पाठ की । उधर सारे घरों में गुप्ता जी के बच्चे प्रसाद आत्मप्रदर्शन के उद्देश्य सेपैकेट बांटने निकल पड़े । जहाँ भी वे गए सब जगह वाह वाह के सुर सुन कर बच्चे अभिभूत थे किंतु भोले बच्चे इन परि…