सोमवार, अगस्त 18

विश्व छायांकन दिवस पर विशेष : जबलपुर के महान छायाकार:-स्व.शशि यादव

शशिन यादव ,जी ने ये सारे चित्र समकालीन सेलीब्रिटीज़ के जबलपुर प्रवास के दौरान ही लिए थे ।समीर लाल जी उर्फ़ उड़ने वाली प्लेट ने शशिन जी के फोटोस की एक्जीबिशन जबलपुर में लगाई थी जब समीर जबलपुर में थे ..... हर साल मिलन फोटो ग्राफिक सोसायटी "मिफोसो" उनकी याद में प्रतियोगिता "ये जाने अनजाने छायाकार " शीर्षक से आयोजित करती है। हर साल कई केटेगरी में पुरस्कृत होते हैं छायाकार याद आते हैं शशिन जी

बच्चन जी
पलंग की निवार का आनंद लेती
"गौरैया"

मुक्तिबोध

उपेन्द्र नाथ "अश्क"
जबलपुर के प्रतिष्ठित छायाकार स्वर्गीय शशिन यादव , के फोटोग्राफ'स श्वेत-श्याम श्रेणी के है उस दौर में रंगीन छाया चित्रों का न तो दौर था और न ही उस समय रंगीन फोटो ग्राफिक केमेरा का विकास ही हो सका था । फ़िर गुजरात से रोज़गार की तलाश में आया कोई शशिनजी जैसा युवक कैसे संसाधन के तौर पर जुगाड़ पाता । किंतु वे स्थानीय महत्त्व पूर्ण अवसरों को न चूकने वाले शशिन जी ने उन अवसरों को नहीं छोडा जिनसे अचानक सामना हुआ उनका .............
[सभी फोटो शशिन जी के पुत्र श्री अरविंद यादव जी के सौजन्य से ]

7 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

आभार इस प्रस्तुति का.

बालकिशन ने कहा…

आभार इस प्रस्तुति का.

महेद्र मिश्रा , जबलपुर. ने कहा…

प्रस्तुति का आभार..

GIRISH BILLORE MUKUL ने कहा…

baaloo baiyaa,mahendr bhjaiya,sameer dada
sabhee kaa abhaar

ब्लॉग पत्रकार ने कहा…

Mukul je
Abhivadan
aaj ki post men maza aa gaya
"BADHAI HO....!"

GIRISH BILLORE MUKUL ने कहा…

ब्लॉग पत्रकार jee
aapakaa bhee abhaar

GIRISH BILLORE MUKUL ने कहा…

TIPPANI KAR BHAIYO APANE IS PANKTI KO BHEE NAKARA NAHEEN KYON........?
न ही उस समय रंगीन फोटो ग्राफिक केमेरा का विकास ही हो सका था