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क्यों करते हैं सितारे आत्मघात कभी सोचा आपने...!

आत्महत्या करना सामान्य रूप से एक अवसाद की स्थिति का दुष्परिणाम है सुशांत की आत्महत्या और इसके पहले भी लगभग 15 चर्चित कलाकारों तथा कई गुमनाम कलाकारों ने आत्महत्या की है और जब भी कोई कलाकार आत्म हंता बनता है तो बेहद पीढ़ा होती है !   व्यक्ति के लिए आत्महत्या बेहद सरल विकल्प होता  है क्योंकि एकाकीपन और विकल्पों का अभाव कुछ ऐसे ही मनोवैज्ञानिक नजरिए से विध्वंसक माने जाने वाले निर्णय लेने के लिए बाध्य कर देते हैं। सारेगामापा 18-19 में  सुशांत ने इशिता को क्या  कहा था सुनिए । वीडियो स्रोत Zeetv से आभार सहित ।  सौजन्य  तेजल विश्वकर्मा     क्योंकि उसके पास जीवन की विषम परिस्थितियों में जीने के लिए निदान खोजते खोजते जब कभी भी डेडएंड नजर आने लगता है सब उसके पास नकारात्मक विकल्प सहज ही उपलब्ध होते हैं?  और वह सुसाइड करना परंतु अत्यधिक संवेदनशील होते हैं अगर आप देखें तो कलाकार बहुत जल्दी ऐसे निर्णय लेने में देर नहीं लगाते और आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। यह उनकी अत्यधिक संवेदनशीलता का परिणाम होता है।  सामान्य व्यक्तियों में अधिकतर विकल्पों की तलाश होती है जो भले ही उसके पास

मध्य प्रदेश के बाल भवनों में ऑनलाइन प्रवेश सुविधा प्रारंभ

कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन 1 से 4 तक एवं अनलॉक वन के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित होने के कारण संभागीय बाल भवन द्वारा पंजीकृत बच्चों को ऑनलाइन प्रशिक्षण की सुविधा लॉक डाउन 1 से 4 तक उपलब्ध कराई गई किंतु भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा ज़ूम ऐप के संदर्भ में जारी एडवाइजरी के कारण ऑनलाइन प्रशिक्षण व्हाट्सएप के माध्यम से किया जा रहा था। किंतु इससे हम बहुत कम उपलब्धियां हासिल कर पा रहे थे। व्हाट्सएप के जरिए ऑनलाइन प्रशिक्षण एक बार में केवल चार विद्यार्थियों तक पहुंच सकता था किंतु फेसबुक के माध्यम से संख्या में बढ़ोतरी अवश्य हुई परंतु बच्चों को उसके संबंध में अत्यधिक ज्ञान ना होने के कारण भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके फल स्वरूप गूगल मीट ऐप आने के बाद अब इस ऐप के जरिए एक साथ कई बच्चों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस तरह के प्रयास प्रदेश के अन्य बाल भवनों द्वारा भी किए जा रहे हैं  इस क्रम में जबलपुर  बाल भवन द्वारा और अधिक विस्तार देते हुए  समस्त संबद्ध ज़िलों  क्रमशः जबलपुर छिंदवाड़ा बालाघाट मंडला सिवनी कटनी नरसिंहपुर डिंडोरी उमरिया सिंगरौली के बच्चों को लाभान्वित कर