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शुक्रवार, जनवरी 1

जिस घर आँगन विदुषी बिटिया वो घर ही धनवान

छवि: शालिनी अहिरवार 






















“सबला-गीत”
दृढ़ निश्चय करके हमने,  किया आज ऐलान
हर बिटिया को देना होगा, जीवन का हर ज्ञान !
जिस घर आँगन विदुषी बिटिया वो घर ही धनवान
जिस घर की बेटी हो सबला वो घर ही बलवान !!
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माँ सोई तो अभिमन्यु ने विजय द्वार न पाया
जागी मात जसोदाने, तिरलोक का दर्शन पाया !
अर्थ यही है बेटी को भी होने दो हर ज्ञान –
तब सच में पाएगा भारत विश्व गुरु का मान ..!!  
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“निर्णय-क्षमता” के विकास का, देना है अधिकार
स्वस्थ्य रहे सबल हो बेटी, पक्का हो आधार !
कल की माएं होंगी सक्षम, तबकरना अभिमान –
नए दौर में नए क्षितिज का करना है निर्माण !!
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