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प्यारा भोपाल :मेरी बुआ का जर्जर शरीर

कलाबुआवालाभोपाल
मामाजीवालाभोपाल
मेरानहीहमसबकाभोपाल
जिसेनिगलाथामिथाइलआइसोसायानाईटके
धुंएँनेजो
समागयाथादेहोंमेंउनदेहोंमें
जोनिष्प्राणहोगयीं
जोबचींवेज़र्ज़रआजभीकांपतेहुएजीरहींहैं
उनमेमेरीकलाबुआजोदेहमेंबैठेप्राणकोआत्म-साहसकेसाथ
सम्हालेरखींहैं ,
बुआरोजजीतींहैंएकनईजिंदगी
उनलोगोंकोयादभीकरतींहैं
शाह्ज़हानाबादकीआमवालीमस्जिदमेंउनकेआसपासरहनेवालीआशाबुआ, अब्दुलचाचा,
जोजफसतबीर
यानीवोसबजिनकीअलगअलगइबादतगाहेंहैं