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बसंत-पंचमी अतीत की घटनाएं

with thanks from divine avatars.com विकी पीडिया में बसंत-पंचमी पर जो भी तथ्य अंकित हैं आपके समक्ष विकी के प्रति  अग्रिम आभार सहित सादर प्रस्तुत है. • वसंत पंचमी का दिन हमें पृथ्वीराज चौहान की भी याद दिलाता है। उन्होंने विदेशी हमलावर मोहम्मद गौरी को 16 बार पराजित किया और उदारता दिखाते हुए हर बार जीवित छोड़ दिया, पर जब सत्रहवीं बार वे पराजित हुए, तो मोहम्मद गौरी ने उन्हें नहीं छोड़ा। वह उन्हें अपने साथ अफगानिस्तान ले गया और उनकी आंखें फोड़ दीं । इसके बाद की घटना तो जगप्रसिद्ध ही है। गौरी ने मृत्युदंड देने से पूर्व उनके शब्दभेदी बाण का कमाल देखना चाहा। पृथ्वीराज के साथी कवि चंदबरदाई के परामर्श पर गौरी ने ऊंचे स्थान पर बैठकर तवे पर चोट मारकर संकेत किया। तभी चंदबरदाई ने पृथ्वीराज को संदेश दिया। चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण। ता ऊपर सुल्तान है, मत चूको चौहान ॥ • इसके साथ ही यह पर्व हमें अतीत की अनेक प्रेरक घटनाओं की भी याद दिलाता है। सर्वप्रथम तो यह हमें त्रेता युग से जोड़ती है। रावण द्वारा सीता के हरण के बाद श्रीराम उसकी खोज में दक्षिण की ओर बढ़े। इसमें जिन स्थानों पर वे

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने ध्वजारोहण किया गणतंत्र दिवस पर गरिमामय समारोह आयोजित

इस   अवसर   पर   मुख्य   अतिथि   श्री   भार्गव   ने   सामाजिक   न्याय   मंत्रालय   भारत   सरकार   की   ओरसे   नि : शक्तजन   कल्याण   के   क्षेत्र   में   जबलपुर   जिले   को   मिले   बेस्ट   डिस्ट्रिक्ट   अवार्ड   के   परिप्रेक्ष्य   मेंनि : शक्तजनों   के   बेहतर   पुनर्वास   के   लिए   सीईओ   जिला   पंचायत   हर्षिका   सिंह ,  संयुक्त   संचालक   सामाजिकन्याय   टी . एस .  मरावी   तथा   डॉ   रामनरेश   को   प्रशस्ति   पत्र   प्रदान   किए।   क्वालिटी   कंट्रोल   ऑफ   इंडियाद्वारा   जबलपुर   शहर   को   खुले   में   शौच   से   मुक्त   शहर   घोषित   करने   की   उल्लेखनीय   उपलब्धि   हासिल   करनेमें   सराहनीय   कार्य   के   लिए   महापौर   डॉ   स्वाति   गोडबोले   और   आयुक्त   नगर   निगम   वेदप्रकाश   को   भी   मुख्यअतिथि   द्वारा   सम्मानित   किया   गया।   उपरोक्त   राष्ट्रीय   पुरस्कारों   के   अलावा   कृष्णा   साहू   को   ग्रामबघराजी   की   छुई   खदान   में   महिलाओं   व   बालिकाओं   को   डूबने   से   बचाने   के   लिए   मिले   राज्य   स्तरीयवीरतापूर्ण   कार्य   पुरस्कार   के   परिप्रेक्

*उत्सवी वातावरण में आयोजित हुआ राष्ट्रीय बालिका दिवस*

       “राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को उनकी उपलब्धि पर सम्मानित कर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ आज के दौर में बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए महिला बाल विकास द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम बेहद सराहनीय है”- तदाशय के विचार महापौर डा स्वाति सदानंद गोडबोले ने महिला बाल विकास द्वारा होमसाइंस कालेज प्रेक्षाग्रह में आयोजित राष्ट्रीय  बालिका दिवस के अवसर पर व्यक्त किये. कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती एला बी लोबो ने बालिकाओं को बालिका दिवस पर हार्दिक बधाई देते हुए शासकीय योजना और कार्यक्रमों के समुचित लाभ लेने का आग्रह किया.        अतिथियों द्वारा    कार्यक्रम के   औपचारिक शुभारम्भ के उपरांत जबलपुर संभाग में जबलपुर,नरसिंगपुर,   मंडला कटनी, छिंदवाड़ा बालाघाट सिवनी, आदि जिलों   से शिक्षा, खेल, सामाज सेवा, के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि   क्षेत्रों एवं यश अर्जित करने वाली 100 से अधिक बालिकाओं को सम्मानित किया गया .         साथ ही स्वच्छता अभियान पर केन्द्रित सीडी का विमोचन भी किया गया.  बाल अभिनेत्री एवं राष्ट्रीय बालश्री सम्मान प्राप्त श्रेया  खंडेलवाल को इस अवसर

Boby : Photo Show

                                              मशहूर नाटक लेखक स्व. विजय तेंदुलकर द्वारा लिखित कथानक पर आधारित बाल-नाटक "बॉबी" का निर्माण    संभागीय बालभवन जबलपुर द्वारा श्री संजय गर्ग के निर्देशन में तैयार कराया गया है. जिसकी दो प्रस्तुतियां भोपाल में दिसंबर माह में तथा जबलपुर में 2  प्रस्तुतियां की जा चुकीं है.                     बॉबी  नौकरी पेशा माता पिता की इकलौती बेटी है जिसे स्कूल से लौटकर आम बच्चों की तरह माँ की घर से अनुपस्थिति बेहद कष्ट पहुंचाने वाली महसूस होती है. उसे टीवी खेल पढने लिखने से अरुचि हो जाती है. स्कूली किताबों के पात्र शिवाजी , अकबर बीरबल , आदि से    उसे  घृणा होती है.    इतिहास के के इन पात्रों की कालावधि याद करना उसे बेहद उबाऊ कार्य लगता है. साथ ही बाल सुलभ रुचिकर पात्र मिकी माउस , परियां गौरैया से उसे आम बच्चों की तरह स्नेह होता है. और वह एक फैंटेसी में विचरण करती है.    शिवाजी , अकबर बीरबल ,   से वह संवाद करती हुई वह उनको वर्त्तमान परिस्थियों की शिक्षा देती है तो परियों गौरैया मिकी आदि के साथ खेलती है. अपनी पीढा शेयर करती है...                

Doobe Suraj main utha leta hoon....!

डूबे सूरज मैं उठा लेता हूँ भोर अपनी है बता देता हूँ ::::::::::: “पूस की रात” पुआलों पे बिछे बारदाने चिलम के साथ निकल आते किस्से पुराने .. पेड के पीछे छिपे भूत से डरा था कल्लू रोज़ स्कूल में हम सब लगे उसको चिढाने चीख चमरौटी की सुनके गाँव डरता था पहन चप्पल जो निकला वही तो मरता था हमने झम्मन को चच्चा कहा तो सब हँसने लगे पीठ पीछे हमको ताने कसने लगे ...!! किसी को छूने से धर्म टूटता या बचता है ...! न जाने कौन ?  भरमजाल ऐसा रचता है ? कितने सूरज बिन ऊगे ही डूब गए ... दीप कितने कुछ पल में ही रीत गए आज़कल खोज रहा हूँ डूबते सूरज कहीं मिल जाते हैं उनको मैं उठा लेता हूँ कभी कुरते के पाकिट में छिपा लेता हूँ ! वक्त मिलते ही उनको मैं उगा देता हूँ भोर सूरज की  है सबको मैं बता देता हूँ !!      please watch & like My Channel on youtube :- Girish Billore

अगर आप बेटियों को कमतर और उनके जन्म को अपना दुर्भाग्य तो आप सर्वथा गलत हैं.

संभागीय बालभवन जबलपुर की बाल कलाकार कुमारी उन्नति तिवारी का चयन    ज़ी टीवी के लिटिल चैम्प शो के लिए दिनांक 10 जनवरी 17 को संपन्न ऑडिशन में कर लिया गया है. पंडित गौरीशंकर तिवारी एवम श्रीमती शोभना तिवारी की द्वितीय पुत्री   उन्नति बहुमुखी प्रतिभा की धनी     हैं   . गायन के अलावा वे तीन बार राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में टीम का हिस्सा रह चुकीं हैं साथ ही  राष्ट्रीय बालश्री    2016   के लिए स्थानीय रूप से चयनित की जा चुकीं हैं. विगत 18 नवम्बर स 20 नवम्बर 2017 को राज्य स्तरीय  अंतर्बालभवन    साहित्यिक एवम संगीत    प्रतियोगिताओं में उन्नति को 3 राज्यस्तरीय पुरस्कार अर्जित किये। 26   जून 2003   को जन्मी उन्नति की गायन में रूचि    अपने चचेरे भाईयों    सत्यम  शुभम के गायन से हुई , साथ ही  स्कूली अध्ययन में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बाल प्रतिभा को   हिंदी अंगरेजी एवम संस्कृत में गहरी रुची है.                                केंद्रीय विद्यालय CMM   में कक्षा 7 की विद्यार्थी   अपनी सफलता का श्रेय बालभवन एवम   संगीत गुरु सुश्री शिप्रा सुल्लेरे को देते हुए  कहतीं हैं कि