मंगलवार, अगस्त 16

अन्ना गांधी वर्सेस ..अदर.गांधी....भाग दो

अन्ना की कहानी अन्ना की जुबानी
वो लोग जो  लोग को पसंद नहीं करते हैं वो मानतें हैं कि अन्ना हज़ारे "व्यक्तिवादी हैं." अन्ना की शिक़ायत करते हुए कोई कह रहें हैं कि अन्ना एक  के इर्द गिर्द अराज़कों का जमवाड़ा है..
आप खुद देखिये यहां  
अन्ना के लिये लोग जो भी कहें या अन्ना अपने बारे में जो भी कहें.. एक बात तो सही है
"होना तय है क्योंकि भ्रष्टाचार है ही अति संवेदन शील मुद्दा "

4 टिप्‍पणियां:

Shikha Kaushik ने कहा…

सटीक बात कही है आपने .सार्थक लेखन हेतु बधाई .
slut walk

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

corruption ke khilaaf to main apne dushman ke saath bhi kandha milakar khada rahoonga,,

Girish Billore Mukul ने कहा…

ek बार सूरत बदलनी ही चाहिये

Dr Varsha Singh ने कहा…

एक दिन सूरत बदलेगी ही "मुकुल" जी.....

Wow.....New

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