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फ़त्ते जी को तलाक की राह मिल गई

फत्ते जी मेरे अभिन्न मित्र हैं कई दिनों के बाद मुलाक़ात हुई सो बस चुहल की गरज से अपने राम ने छेड़ दिया उनको . पूछ लिया उनकी नई प्रेमिका के बारे में. पूछा क्या बता कि मिस शीला सच बहुत प्यार करतीं हैं आपसे !  '' जी सच है उनको मुझसे बहुत प्रेम है हो भी क्यों न हम भी तो उनसे बहुत प्रेम करते है , विपरीत के बीच आकर्षण तो विज्ञान ने भी सिद्ध कर दिया अब आप ही बताएं. कोई झूठ तो नहीं होगी मेरी बात ? जी सही है ....! आप झूठ बोलते ही कहाँ हैं ? तो अब बताएं ज़नाब कब मिले थे उनसे ? ''क्या बताऊँ भाई, बीबी से अनबन क्या हुई हमने बहाना किया कि सरकारी टूर पे जाना है और बस चले गए उनके नशेमन में '' कल रात से उनके पास ही थे हम . ? खूब आदर सत्कार हुआ होगा ? जी, बहुत.. मेरा ख़ास ख़याल रखा उनने . खूब बातें हुईं . ग़ज़ल शायरी सब कुछ सुनी सुनाएँ हमने उनको और उनने हमको. जी ये तो हुआ ही होगा. बताएं कुछ खिला-पिलाया के बस भूखे टल्ला रहे हो..? ''अरे मुकुल भाई , क्या बात करते हो, लज़ीज़ खाना था और हाँ मालूम है डिनर पर लंच में,सुबह शाम के नाश्ते के दौरान वे हमें बड़ी मंहगी चीज़ सुन्घातीं रहीं  पता नह…