शुक्रवार, जून 22

संभागीय बाल भवन में नाद योग से ताल योग प्रदर्शन के साथ सम्पन्न हुआ योग संगीत दिवस


संभागीय बाल भवन जबलपुर में नेहरू युवा केन्द्र जबलपुर  एवं  बाल भवन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित  योग एवं संगीत  दिवस विविध गतिविधियों  के साथ  सम्पन्न  हुआ  
जिसमेंओमकार नाद योग” सूर्य नमस्कार चित्रकला तालबाद्य जुगलबंदी के साथ योग चित्रों का रेखांकन किया गया  
साथ ही योग क्विज एवं संपूर्ण योगाभ्यास  प्रदर्शन की प्रस्तुति भी कार्यक्रम काविशेष आकर्षण रहा 
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मनीषा लुम्बा संभाउप संचालक  महिला बाल विकास ने की तथा 
मुख्य अतिथि के रूप में सुशील शुक्ला अध्यक्ष  बालभवन  सलाहकार एवं सहयोगी समिति रहे  माननीय सांसद श्री राकेश सिंह  की ओर से संदीप जैनश्रीमती श्रृद्धा शर्मा, सत्येन्द्र शर्मा, नरेन्द्र गुप्ताराजेश ठाकुरश्रीमती भारती  रूसिया  सहित 150 से  अधिक बच्चे उपस्थित थे    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  अध्यक्ष श्रीमती मनीषा लुम्बा ने  बच्चों एवं युवकों  को योग  के  प्रादुर्भाव से लेकर अब तक की  विकास यात्रा  का सम्मोहक  विवरण प्रस्तुत किया तथा योग क्रियाओं का महत्व भी बताया  
 योग गुरू देवेन्द्र यादव का सत्कार अतिथियों द्वारा किया गया तथा योग गुरू द्वारा सूर्य नमस्कार एवं योग  क्रियाओं का प्रदर्शनप्राणायाम, ध्यान कराया गया 
                श्रीमती रेणु पाण्डे के निर्देशन मेंअंतर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकाल पर केन्द्रित चित्र कु. सुनीता केवटजया मोर्यसृष्टि सुहानेविनायकसोनीआशी खण्डेलवालभानू नामदेवरितिकनामदेवआर्या दुबेपारूल बाधदीपाली ठाकुरसोनाली ठाकुरकरन जामुलकरशुभ सुहाने आदिकलाकार बच्चों द्वारा श्री सोमनाथ सोनी तबलासंगतकार के निर्देशन में प्रफुल श्रीवासविशेष शर्माश्रेयांश बिरहासंकल्प परांजपेदेवविश्वकर्मासूर्यभान सिंह ठाकुर ताल वाद्य वादन पर योग केन्द्रित चित्रों का निर्माण किया  डॉ क्षिप्रा सुल्लेरे के संगीत निर्देश में नयन सोनीसजल सोनीकरन द्विवेदीआकर्ष जैनसानिध्य पचौरी,सात्विक पचौरीआयुष रजकयशी तिवारी हर्ष सोंधियाआशुतोष रजकराजबर्धन पटैल एवं संगत कु. मनु कौशलसमीर सराठे द्वारा
संत कबीर के भजन का गायन किया गया  कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं अतिथियों  के  स्वागत सत्कार से  हुआ   
अतिथियों का स्वागत अतुल पाण्डे नेहरू युवाकेन्द्रनवीन शिवाइग्नू एवं युवा केन्द्र के कार्यकर्ता कु. माधवी रैकवार,  हिमांशु गुप्ताराजेश सिंह सहित बाल भवन के स्टाफ द्वारा किया गया  
कार्यक्रम का संचालन बाल कलाकार एवं वक्ता  मा. धवल शाह एवं मा. अभिषेक यादव द्वारा मनोरंजन ढंग से किया गया   दोनों एंकर्स ने स्पॉट क्विज में योग पर  केन्द्रित सवाल पूछकर  10 बच्चों एवं  प्रतिभागियों को पुरस्कृत कराया तदुपरांत अतुल पाण्डे नेहरू युवा केन्द्र ने आभार प्रदर्शन किया 


शनिवार, जून 16

बाल नाट्य शिविर : व्यक्तित्व विकास का असाधारण टूल














बाल नाट्य शिविर : व्यक्तित्व विकास का असाधारण टूल
GIRISH BILLORE “MUKUL”
आप हजारों रुपये फीस देकर व्यक्तित्व विकास के कुछ एक बिंदु उपलब्धी स्वरुप हासिल कर सकते हैं पर रंगकर्म के ज़रिये जितना ज़ल्द और सटीक लाभ मिलताहै उतना अनुमान हमने कभी न लगाया था था . इसके कई उदाहरण हैं हमारे पास . यह निष्कर्ष तीन साल के प्रयोग के बाद लिख रहा हूँ
नाट्यलोक  जबलपुर Natya Lok Sanstha में लगभग 20 सालों से सक्रीय रंगकर्मियों का समूह है. जो बालभवन जबलपुर के साथ वर्ष 2014 से सतत सक्रीय है. पर ऐसा नहीं कि वे हमारे साथ मेरे पदभार ग्रहण करने पर ही सक्रीय हुए बल्कि उनका सहयोग 2007 से ही बालभवन के बच्चों के लिए रहा है. उस दौर के बच्चों में Akshay ThakurShalini Ahirwar Tarun ThakurAnshul Sahu सहित न जाने कितने बच्चे अब प्रोफेशनल आर्टिस्ट की सूची में शुमार हो गए हैं. नाट्यलोक  संस्था के अलावा VIVECHNA RANGMANDALArun Pandey जी, भाई संतोष राजपूत,  सहित शहर के नामचीन रंगकर्मियों ने बालभवन के साथ बहुत काम किया. लेकिन 2014 के बाद Sanjay Gargजी से मेरा समझौता हुआ . समझौता क्या मेरा एक प्रस्ताव था संजय गर्ग जी के सामने  कि आप बच्चों को थियेटर की शिक्षा दीजिये . एक समर्पित एवं संवेदित निर्देशक ने मेरी बात को बिना असमर्थता का रोना रोए सहमती तपाक से दे दी . फिर क्या था प्रशिक्षण का सिलसिला 2015 के आते आते शुरू हो गया. इस बीच अरुण पाण्डेय जी के दुर्गा नाटक में बालिकाओं का चयन प्रशिक्षण भी प्रारम्भ ही था. तब तक 2017 में मिला तेज़ से तेज़बॉबीलौट आओ गौरैया जैसे नाटकों का निर्माण पूर्ण हो चुका था. और सभी तैयार नाटकों के से अधिक शो भी आयोजित हो चुके थे इस बीच दुर्गा में बाल कलाकारों ने अपनी आमद भी दर्ज करा दी थी. इतना ही नहीं कुमारी Shreya Khandelwal को एक रियलिस्टिक फिल्म में काम मिला
इन सभी बाल कलाकारों के बालभवन में प्रवेश से अब तक के विकास क्रम पर निगाह फेरी तो पता चला कि इनका व्यक्तित्व आत्मविश्वासीएवं मज़जूत होता जा रहा है. नवम्बर 2017 से बालभवन की पूर्व छात्रा मनीषा तिवारी ने जो फेसबुक पर Mani Tiwari के नाम से मौजूद है ने बच्चों को नाट्य प्रशिक्षण देना आरम्भ किया. अप्रैल 2018 में बच्चों के परिक्षा से लौटते ही पूरे उत्साह से नाट्य कक्षा नियमित रूप से प्रारम्भ हो गई . सम-विसम सहयोग-विरोध मान-अपमान के बीच हमने काम जारी रखा . तथा बालभवन के बाद प्रशिक्षण श्री जानकी रमण महाविद्यालय में सुचारू रूप से जारी रहा. और तैयार हुए दो नाटक एक पोलीथीन के प्रयोग को रोकने का सन्देश देने वाला नाटक गणपति बप्पा मोरया {लेखक निर्देशक : संजय गर्ग एवं पोट्रेट (लेखक मैं यानि गिरीश निर्देशक श्री संजय गर्ग ) उक्त नाटकों का निर्माण मध्य-प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के वित्त पोषण से हो सका. 
सुधीजनों .... इन नाटकों के बाल कलाकारों ने 45 से 46.5 डिग्री तापमान की परवाह किये बिना जिस जज़्बे के साथ नाटकों को समझा और खुद को पात्र में रचाया बसाया वो उनके मुखर प्रखर होने का प्रमाण है. 
इन सभी नाटकों में लाइव म्यूजिकल इफैक्ट लाने में DrShipra Sullere की टीम ने जो काम किया उसे देख कर मेरा मन अत्यधिक भावुक है. संभव होता तो दुनियाँ की सारी संपत्ति ऐसी प्रतिभाओं न्यौछावर  कर देता. पर जो बन सका मैंने किया. 
शेष सचाई ये है कि बच्चों के व्यक्तित्व के विकास के लिए रंगकर्म से बड़ा टूल कोई नहीं . दरी फट्टे से लेकर मंचन तक Davinder Singh Grover भाईतैलंग जीIndra Kumar Pandey Ravindra Murhar #विनय_शर्मा सहित समूचे नाट्य लोक परिवार का योगदान अविस्मर्णीय रहा है. मेरे मित्र प्राचार्य श्री जानकीरमन महा विद्यालय श्री अभिजात कृष्ण को भूलना ना मुमकिन है 
दौनों नाटकों ने दौनो दिन आसानी से हजार के आसपास दर्शक जुटा ही लिए है. अतिथि के रूप में श्री कपिल देव मिश्र कुलपति जी rdvv तो मुझे देखते बालभवन को नाटकों को नाट्यलोक को यकबयक याद कर लेते हैं  
अस्तु मैं श्रद्धानत हूँ इन सबका . उनका भी आभारी हूँ जो इस संकल्प को रोकने दर दर भटक आए . और हमें इस बात का ज्ञान करा दिया कि- दुनियाँ ईश्वरीय सत्ता के अधीन थी है और रहेगी 
ॐ श्री रामकृष्ण हरि: 
आपका स्नेही 
गिरीश बिल्लोरे मुकुल
Mukul Gkb