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"आज सिर्फ इतना ही ...........!"

हरेक मामले में उठाते हो अंगुलियाँ – क्या हश्र होगा आपका जो हाथ उठेंगे .. ?

"वेतन और मज़दूरी मत बढ़ाओ ?"

ऐ शहर-ए-लखनऊ तुझे मेरा सलाम है.....-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी

मोमबत्ती से रहें सावधान : सरफ़राज़ ख़ान

“लाल टोपी फैंक दी बंदरों ने ...!!”