"पाडकास्टर से वेबकास्टर तक की जात्रा : बारास्ता परिकल्पना/ नुक्कड़ सम्मान समारोह


वेबकास्टिंग का दौर आना और मुझे इस पेटे  सम्मान मिलना  मेरे लिये बस एक अनजाने में खेले गये खेल से मिली जीत का सा मामला है. मुझे नहीं मालूम था कि खटीमा के आयोजन से कोई करिश्मा होगा. होगया तो बात इस हद तक पहुंच जाएगी कि - निगाहें मुझे देखेंगी. ये अलग बात है कि  पुराने काम पाडकास्टिंग को बहुत बड़ा स्थान मिला ब्लाग जगत के दिल में... किंतु मन बार बार यही कहता रहा कि मैं हिंदी के भले के लिये  टेक्स्ट आधारित ब्लागिंग को ही अपनाऊं. कारण था कि - आडियो ब्लागिंग यानी पाडकास्ट, को सेकण्डरी कर दिया पर दिमाग ने सीधे अंगुलियों से कहा .."तलाशो अब लाइव हो जाने का रास्ता..! रास्ता है मिलेगा भी !!  " बस्स... इत्ती सी बात इस खोजा-तपासी के बीच एक न्योता भेज दिया अर्चना चावजी को कि वे मधुर आवाज़ में मिसफ़िट को सजाती रहें... हुआ भी यही.. उनके एहसानों को कैसे भुलाऊं कि पाडकास्टर से वेबकास्टर तक का सफ़र वे न होतीं तो पूरा करना सम्भव न था. आदरणीया अर्चना जी को आभार कह कर उनका कद छोटा न करूंगा. बहरहाल दिल्ली में श्री  निशंक जी के हाथौं मिला सम्मान हिंदी ब्लागिंग के प्रति मन की उकताहट को कम कर गया. बीच में एक खीज एक ऊब सी ऊग आई थी पर अब सब ठीक है कि मुझे कुछ नया इस लिये करना है ताकि "न्यू मीडिया" को परिपक्कवता मिलती रहे. ऐसा सभी सोच रहे हैं.हां वे सभी  जिनके काम का मूल्यांकन किया  परिकल्पना ने, नुक्कड़ ने, और हिंदी साहित्य निकेतन ने. कुछ भी हो भला हिंदी ब्लागिंग का ही तो होना है.व्यक्तिश:आभार कहूं तो अविनाश वाचस्पति, श्री गिरिजाशरण जी अग्रवाल ,डा० मीना अग्रवाल ,पद्म सिंह, श्री पवन चन्दन केवल राम जी , का स्नेहिल सहयोग कैसे भूलूं..?
सिलसिले वार रपट पेश करूंगा जो मेरा नज़रिया होगा.  


क्रमश: 


टिप्पणियां

Rahul Singh ने कहा…
हार्दिक बधाई.
गिरीश जी हार्दिक-हार्दिक बधाई....
वेबकास्टिंग एक नयी चीज है..
सभी आदरणीय टिप्पणी कर्ताओं का आभारी हूं
Archana Chaoji ने कहा…
बहुत बहुत बधाई आपको.....अय्र ये एक सामूहिक ब्लॉग है आभार मै भी नही कहूँगी....
Padm Singh ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Padm Singh ने कहा…
आपका सानिध्य हमारे लिए बेहद सुखद रहा...फुर्सत में चार पल साथ बतियाने की हसरत दिल में रह गयी है... ईश्वर जाने कब पूरी होगी
Udan Tashtari ने कहा…
हार्दिक बधाई.
girish pankaj ने कहा…
badhai, mehanat rang laai...ap is layak hai bhai...
गिरीश भाई आप से दि्ल्ली में मिल कर प्रसन्नता हुई। पर आप की व्यस्तता के कारण आप से अधिक बात नहीं हो सकी। आप के नजरिए से सिलसिलेवार रिपोर्टिंग की प्रतीक्षा है।
स्नेहिल शुभ भावनाएँ