रविवार, मई 14

के के निलोसे जी की कविताएँ

इस बार अहा ज़िन्दगी के ताज़ा अंक में के के निलोसे जी की कविताएँ प्रकाशित हुईं .. के के दादा से मेरे दो नाते हैं... एक कवि होने का दूसरा बेटियों के मामा जी का .. दौनों ही रिश्ते बड़े विचित्र हैं .. दौनों रिश्तों के बीच संतुलन बनाने की ड्यूटी दादा भैया ही निभाते हैं.. बड़े हैं न


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